‘सुशासन बाबू’ के राज में ‘खाकी’ भी नहीं सुरक्षित, मुजफ्फरपुर में ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

भीड़ को शांत कराने पहुंचे पुलिस के अधिकारियों और कांस्टेबलों को भीड़ ने बंदी बना लिया और उनकी दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं जब पुलिस अधिकारी जान बचाने के लिए वहां से भागे तो लोगों ने उनपर पत्थर से वार किया।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश में भीड़ द्वारा पीट पीट कर मार डालने की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का है, जहां दो युवकों की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी।

दरअसल मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के मधुबन इलाके में शनिवार को दो युवकों के शव मिलने से नाराज ग्रामीण शवों को सड़क पर रख कर हंगामा कर रहे थे। घटना की सूचना पाकर भीड़ को शांत कराने पहुंचे पुलिस के अधिकारियों और कांस्टेबलों को भीड़ ने बंदी बना लिया और उनकी दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई करनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं जब पुलिस अधिकारी जान बचाने के लिए वहां से भागे तो इस पर लोगों ने उनपर पत्थर से वार किया, जिसकी वजह से 3 पुलिस वाले बुरी तरह जख़्मी हो गए।

फोटो: सोशल मीडिया
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ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक मुकुंद कुमार और दिलीप कुमार नाम के दो युवकों को पुलिस के लोगों ने एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया और उन्हें थाने ले गए। इसी बीच दोनों युवक संदिग्ध तरीके से गायब हो गए। परेशान परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो उनमें से एक युवक का शव नदी से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए गुस्साए परिजन और अन्य ग्रामीण शव को सड़क पर रख कर हंगामा करने लगे। थोड़ी देर बार दूसरे युवक का शव भी बरामद किया गया।

पुलिस ने समझाते हुए कहा कि दोनों की मौत डूबने की वजह से हुई है तो इस पर भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने पुलिस के लोगों को बंधक बनाकर उनकी खूब पिटाई की। इसके तीन पुलिसकर्मी बुरी तरह से जख़्मी हो गए।

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मामले को शांत करने के लिए और सेल्फ डिफेन्स में पुलिस की तरफ से पंद्रह राउंड फायरिंग की गई। जख्मी पुलिसकर्मी किसी तरह वहां से जान छुड़ाकर थाने पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी, सिटी एसपी, एसडीओ पूर्वी, डीएसपी पूर्वी समेत कई थानों के पदाधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश की। बाद में जब मामला कुछ शांत हुआ तो रात आठ बजे दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

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