रेलवे को 5 दिन पहले पता था ‘राजधानी’ में खराब है पटरी
पांच दिन पहले रेल मंत्रालय को शिवाजी ब्रिज के पास पटरियों में खराबी की जानकारी थी, लेकिन एक्शन लेने के बजाय यह सूचना एक विभाग से दूसरे विभाग में चक्कर काटती रही और राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी

कोई अंधविश्वासी ही इस सिद्धांत को मानेगा कि रेल मंत्री बदलने से रेल दुर्घटनाएं रुक जाती हैं। केंद्र सरकार ने शायद यही सिद्धांत अपनाया था और एक के बाद एक हो रही रेल दुर्घटनाओं के मूल में जाने और सुरक्षा और रेल परिचालन की देखरेख की समीक्षा के बजाय रेल मंत्रालय का मंत्री बदल दिया। बजाय इस सिद्धांत के अगर रेलवे ने पटरियों की खराबी के बारे में मिली सुचनाओं को गंभीरता से लिया होता तो शायद गुरुवार को एक के बाद एक दो ट्रेनें पटरी से नहीं उतरी होतीं। इनमें से एक तो ट्रेन राजधानी दिल्ली में ही पटरी से उतर गयी। यह जगह संसद से महज दो-ढाई किलोमीटर दूर ही है।
कोई पांच दिन पहले राकेश कुमार कौशिक नाम के व्यक्ति ने पटरियों में खराबी के बारे में रेल मंत्रालय को ट्वीट के जरिए सूचना दी थी। रेल मंत्रालय ने इस ट्वीट और सूचना बिल्कुल गंभीरता से नहीं लिया और खास सरकारी अंदाज़ में दिल्ली के डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) को ट्वीट फॉरवर्ड कर दिया और कहा कि जरा देखें कि क्या मामला है। इस पर डीआरएम ने यही ट्वीट @srden_cdli नाम के हैंडिल पर फॉरवर्ड कर दिया कि देखो भाई क्या माजरा है। ये हैंडिल शायद रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग से जुड़ा है। और इंजीनियरिंग विभाग ने इस पर क्या कार्रवाई की, या पटरियों का जायजा लिया...इसका कोई अपडेट नहीं आया।
यहां गौर करने वाली बात ये है कि राकेश कौशिक ने अपने ट्वीट में बाकायदा खराब पटरी की फोटो भी भेजी थी, तब भी इस सूचना को गंभीरता से नहीं लिया गया। और नतीजा यह है कि दिल्ली के बीचों-बीच राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी। खबरों के मुताबिक गुरुवार दोपहर रांची से दिल्ली आयी राजधानी एक्सप्रेस अपने गंतव्य पर पहुंचने से चंद मिनट पहले पटरी से उतर गयी। ये घटना शिवाजी ब्रिज के पास हुई। हादसे में ट्रेन का इंजन और पॉवर कार पटरी से उतर गए। इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि एक-दो यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें राजधानी के एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। रेलवे ने आनन फानन राहत और बचाव का काम शुरु किया, लेकिन मुख्य लाइन पर होने की वजह से कई ट्रेनों को रोकना पड़ा और इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा।

इससे पहले सुबह-सुबह खबर आई कि हावड़ा से जबलपुर जा रही शक्तिपुंज एक्सप्रेस के सात डिब्बे उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के नजदीक सिंगरौली-ओबरा के बीच पटरी से उतर गए। खैर यह रही कि हादसे में किसी के गंभीर रूप घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

इन दो घटनाओं के बाद नए रेल मंत्री पीयुष गोयल ने रेल सुरक्षा पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। उम्मीद है कि इस बैठक में लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओँ पर चर्चा के साथ ही रेलवे में सुरक्षा और पटरियों की देखरेख के मुद्दे उठेंगे और रेल सुरक्षा के लिए एक ठोस नीति सामने आएगी।
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Published: 07 Sep 2017, 6:46 PM
