एसबीआई को फिर लगी चपत, बैंक को जून तिमाही में हुआ 4876 करोड़ रुपये का घाटा

एसबीआई को जून तिमाही में हुआ 4876 करोड़ रुपये का घाटा

भारतीय स्टेट बैंक को एक बार फिर चपत लगी है। बैंक को जून तिमाही में 4876 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस घाटे का मुख्य कारण फंसे हुए कर्जों (एनपीए) की भरपाई के लिए प्रावधान करना है।

सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने जून में समाप्त हुई तिमाही में 4,876 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है। इस घाटे का मुख्य कारण फंसे हुए कर्जों (एनपीए) की भरपाई के लिए प्रावधान करना है।शेयर बाजारों में नियामकीय फाइलिंग में एसबीआई ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 2,005.5 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि में बैंक की कुल आय बढ़कर 65,492.67 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 62,911.08 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में देश के सबसे बड़े कर्जदाता के एनपीए (फंसे कर्जे) में 10.69 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में एनपीए में 9.97 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

एसबीआई का सकल एनपीए जून के अंत तक बढ़कर 2,12,840 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल के जून तक यह 1,88,068 करोड़ रुपये था। हालांकि इस अवधि में एसबीआई के शुद्ध एनपीए में गिरावट दर्ज की गई, जोकि 99,236 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,07,560 करोड़ रुपये थी।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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