ऑल इंडिया रेडियो में #MeToo के आरोपों की गूंज, मेनका गांधी ने उठाई जांच की मांग

सोशल मीडिया पर मीटू मुहिम के तहत कई यौन शोषण के मामले सामने आने के बाद अब ऑल इंडिया रेडियो के देश भर में फैले स्टेशनों में भी ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं। मोदी सरकार में मंत्री मेनका गांधी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस मामले की जांच की मांग की है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारत में मीटू मुहिम के तहत कई यौन शोषण के मामले सामने आने के बाद अब ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) में भी कई यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। एआईआर के देश भर में स्थित कई स्टेशनों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपने साथ यौन दुर्व्यवहार की शिकायत की है। ऑल इंडिया रेडियो कैजुअल अनाउंसर एंड कम्पेयर्रस यूनियन (एआईसीएसीयू) ने इस संबंध में बीते दिनों मेनका गांधी को एक चिट्ठी लिखी थी। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पूरे मामले की जांच की मांग की है।

मेनका गांधी को लिखे अपने पत्र में एआईसीएसीयू ने बताया था कि कैजुअल अनाउंसर या रेडियो जॉकी खुद के शोषण के खिलाफ आवाज नहीं उठा पातीं, क्योंकि नौकरी जाने का डर हमेशा बना रहता है। जिसने भी यौन शोषण जैसी शिकायत की उसे काम देना बंद कर दिया जाता है और उसका साथ देने वालों पर भी कार्रवाई होती है।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, इनमें से अधिकतर मामले एआईआर में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ हुए हैं। खबर के अनुसार ऐसे मामलों की शिकायत करने पर दो दशक से भी ज्यादा समय से काम कर रही कई महिला कर्मचारियों को अब काम नहीं दिया जा रहा है। इन मामलों में सभी आरोपी एआईआर के परमानेंट कर्मचारी और अधिकारी हैं। आरोप लगने के बाद कुछ लोगों को आनन-फानन में आरोपमुक्त भी कर दिया गया है।

खबर के अनुसार यौन शोषण के मामले मध्य प्रदेश के शाहडोल और सागर, उत्तर प्रदेश के ओबरा, हरियाणा के कुरुक्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एआईआर स्टेशनों से सामने आए हैं। यहां काम करने वाली महिलाओं का आरोप है कि उनके सीनियर अधिकारी उनसे यौन दुर्व्यवहार करते हैं और उनसे अश्लील शब्दों और भाव-भंगिमाओं का इस्तेमाल करते हैं और अपमानजनक तरीके से छुते हैं।

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