शाहरुख खान की ‘जबरा फैन’ थीं शीला दीक्षित, इतनी बार देखी ‘डीडीएलजे’ कि घरवालों को कहना पड़ा, अब बस करो

90 के दशक में आई शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ उन्होंने इतनी बार देखी थी कि घर वालों को परेशान होकर कहना पड़ा कि वे अब इस फिल्म को न देखें। शीला दीक्षित अपने जमाने के सुपरस्टार दिलीप कुमार और राजेश खन्ना की भी बड़ी फैन थीं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और लगातार 3 बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित का शनिवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। दिल्ली में शीला दीक्षित के निजामुद्दीन स्थित आवास पर तमाम राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। रविवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर दोपहर ढाई बजे शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शीला दीक्षित को पढ़ाई लिखाई के अलावा सिनेमा का भी बहुत शौक था। एक दौर था जब वे बॉलीवुड के रोमांस किंग शाहरुख खान की बहुत बड़ी फैन थीं। 90 के दशक में आई शाहरुख की सुपर हिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ उन्होंने इतनी बार देखी थी कि घर वालों को परेशान होकर कहना पड़ा कि वे अब इस फिल्म को न देखें। शाहरुख के अलावा शीला दीक्षित अपने जमाने के सुपरस्टार दिलीप कुमार और राजेश खन्ना की भी बड़ी फैन थीं।

शनिवार को उनके निधन के बाद तमाम राजनेताओं के अलावा अक्षय कुमार, उर्मिला मातोंडकर और लता मंगेशकर समेत बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने भी ट्विटर के जरिये उन्हें श्रधांजलि दी।

अक्षय कुमार ने ट्वीट करके लिखा, "शीला दीक्षित के निधन की खबर सुनकर बहुत ज्यादा दुख हुआ। उन्होंने प्रभावी रूप से दिल्ली का चेहरा बदल कर रख दिया था। उनके परिवार के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।"

साल 1938 में पंजाब के कपूरथला में जन्मी शीला दीक्षित ने दिल्ली के जीसस एंड मेरी कॉन्वेंट स्कूल से अपनी स्कूल की पढ़ाई खत्म कर दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की थी।

शीला दीक्षित कांग्रेस पार्टी की उन नेताओं में से एक हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल में दिल्ली को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाया। 15 सालों में दिल्ली की काया पलटने में शीला दीक्षित का अहम योगदान रहा। शीला दीक्षित 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।

दिल्ली में मेट्रो ट्रेन की शुरुआत, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सीएनजी वाहन, सिग्नेचर ब्रिज, बारापूला एलीवेटेड रोड समेत फ्लाईओवर और अंडरपास शीला दीक्षित की सोच की ही देन हैं। बिजली का निजीकरण करने के साथ ही अनाधिकृत कॉलोनियों में विकास की शुरुआत का श्रेय शीला दीक्षित को जाता है।

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