रियल एस्टेट सेक्टर को राहत आम आदमी के लिए झटका तो नहीं? आपके सपनों का घर मिलने में हो सकती है देरी

वित्त मंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगी कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए। इसके अलावा कोरोना के कारण रियल स्टेट कंपनियों को रेरा से छूट दी गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक पैकेज से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पैकेज पर फैसला कई मंत्रालय और विभागों के बीच चर्चा के बाद लिया गया। इनमें रियल एस्टेट के लिए भी राहत के उपाय घोषित किए गए।

वित्त मंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगी कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए। इसके अलावा कोरोना के कारण रियल स्टेट कंपनियों को रेरा से छूट दी गई है। बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए मिलेगा वक्त। सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, हाइवे आदि छह महीने तक ठेकेदारों को राहत देंगे। पीपीपी में भी छह महीने तक राहत दी जा सकती है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 25 मार्च 2020 के बाद जो भी रजिस्ट्रेशन और कंस्ट्रक्शन के लिए आगे बढ़े हैं, उन्हें छह महीने के लिए फायदा होगा। बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए अतिरिक्त वक्त दिया जाएगा। इस संबंध में सभी राज्यों वो केंंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाएगी।

साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा। वहीं आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा, इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है। इससे नकदी का संकट नहीं रह जाएगा। इनकी पूरी गारंटी भारत सरकार देगी।

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