केरल के विश्वविद्यालय में वंदे मातरम् कार्यक्रम में RSS नेता की मौजूदगी का विरोध, छात्रों ने प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्रों ने नंदकुमार की कार्यक्रम में मौजूदगी का विरोध करने के साथ ही आरोप लगाया कि छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने के बावजूद इसमें प्रवेश नहीं दिया गया।

केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक संगठन के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार की संस्थान में आयोजित ‘वंदे मातरम्’ से संबंधित कार्यक्रम में मौजूदगी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने नंदकुमार की कार्यक्रम में मौजूदगी का विरोध करने के साथ ही आरोप लगाया कि छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने के बावजूद इसमें प्रवेश नहीं दिया गया।
छात्रों का आरोप
केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) और मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) समेत विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। वाम दलों से जुड़े छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को उस सभागार में प्रवेश करने से रोक दिया, जहां कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था।
अपने-अपने छात्र संगठनों के झंडे लिए प्रदर्शनकारी छात्रों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए और कार्यक्रम में प्रवेश करने की कोशिश में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी की।
बाद में खुद को छात्र मामलों का डीन बताने वाले विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि पंजीकरण कराने वाले छात्रों को प्रवेश क्यों नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यक्रम के आयोजकों से इस बारे में पूछना होगा।
‘वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छह और सात अक्टूबर को आयोजित की जा रही है। साहित्य अकादमी द्वारा अखिल भारतीय साहित्य परिषद और विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।
नंदकुमार का विरोध
प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक नंदकुमार इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता हैं। छात्रों ने संवाददाताओं से कहा कि वे कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के फेसबुक पेज पर जारी एक पोस्ट के अनुसार, सात अक्टूबर को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें केरलम और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर मुख्य अतिथि होंगे।
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