संसद से पास तीनों कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को जारी किया नोटिस, 4 हफ्ते में देना होगा जवाब

कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने जवाब के लिए केंद्र को चार हफ्ते का समय दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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हैदर अली खान

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में संसद में पारित किए गए तीन कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रिट याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने जवाब के लिए केंद्र सरकार को चार हफ्तों का समय दिया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से यह भी कहा है कि देश की जितनी भी हाई कोर्ट में कृषि कानून के खिलाफ याचिका दायर हुई हैं उनका भी डाटा इकट्ठा करें।

याचिका दायर करने वालों में द्रविड़ मुनेत्र कषगम सांसद तिरुचि शिवा, वकील मनोहर लाल शर्मा और छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस के पदाधिकारी (राकेश वैष्णव और अन्य) लोग शामिल हैं। याचिका में तीनों कृषि कानूनों को असंवैधानिक करार देने की मांग की गई है।


कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम-2020, कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिलने के बाद 27 सितंबर को प्रभावी हुए थे। संसद द्वारा पारित कृषि कानून किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मुल्य सुनिश्चित कराने के लिए बनाई गई कृषि उपज मंडी समिति व्यवस्था को खत्म कर देंगे।

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Published: 12 Oct 2020, 1:51 PM
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