कठुवा रेप के गवाह के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, बुधवार को होगी सुनवाई

याचिकाकर्ता की वकील इंदिरा जयसिंह ने सोमवार को ट्वीट किया था कि कठुवा रेप और हत्या मामले के प्रमुख गवाह रहे तालिब हुसैन के साथ पुलिस हिरासत में बर्बरता पूर्वक मारपीट की गई है, जिससे उनकी कई हड्डियां टूट गई हैं और सिर भी फट गया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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आशुतोष शर्मा

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जम्मू के कठुवा में हुए बर्बर रेप और हत्या मामले को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। तालिब की ओर से दायर याचिका पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ में सुनवाई हो सकती है।

इससे एक दिन पहले सांबा थाने की पुलिस ने तालिब के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। सांबा थाने के एसएचओ चंचल सिंह के मुताबिक, तालिब हुसैन ने पुलिस लॉकअप में दीवार पर अपना सिर मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। एसएचओ ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पुलिस हिरासत में अपने सिर को दीवार से मारकर हुसैन ने आरपीसी की धारा 309 के तहत अपराध किया है, जिसके तहत उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका तालिब हुसैन के चचेरे भाई की ओर से दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तालिब हुसैन को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है, जहां उनके साथ मारपीट की जा रही है। इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिकाकर्ता की वकील इंदिरा जयसिंह ने सोमवार को अपने ट्वीट में कहा कि कठुवा रेप और हत्या मामले के प्रमुख गवाह रहे तालिब हुसैन के साथ सांबा में पुलिस हिरासत में बर्बरता पूर्वक मारपीट की गई है, जिससे तालिब की कई हड्डियां टूट गई हैं और सिर भी फट गया है।

इससे पहले तालिब हुसैन की परित्यक्त पत्नी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज कराया था, लेकिन 30 जुलाई को जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने हुसैन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। लेकिन उसके अगले ही दिन तालिब की परित्यक्त पत्नी की भाभी ने उनके खिलाफ डेढ़ महीने पहले उनके साथ रेप करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसपर कार्रवाई करते हुए इसके अगले ही दिन पुलिस ने तालिब को गिरफ्तार कर लिया।

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