आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में धांधली के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, उम्मीदवारों की सूची पब्लिश न करने के आदेश
अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों की उन शिकायतों पर विचार करे जिनमें उन्होंने संबंधित सबूत पेश करते हुए कहा है कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था।

आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव में धांधली के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई।
वाईएसआर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शिकायत की थी कि विपक्ष के प्रत्याशियों को हिंसा के जरिए नामांकन भरने से रोका गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि प्रत्याशियों की अंतिम सूची का 25 अक्टूबर तक प्रकाशन न करें।
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को बुधवार को निर्देश दिया कि वह राज्य में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची 26 अक्टूबर तक प्रकाशित नहीं करे। यह अंतिम सूची बुधवार को जारी की जानी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिए?
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने ‘‘प्रथम दृष्टया यह दिखाया है’’ कि उसके कई उम्मीदवारों को लगभग 100 शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था।
अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों की उन शिकायतों पर विचार करे जिनमें उन्होंने संबंधित सबूत पेश करते हुए कहा है कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था। कोर्ट ने आयोग को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के संबंध में बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का भी निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी को दिया खास निर्देश
पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और निर्वाचन कार्यालयों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया। उसने कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को भी कहा कि वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों के मन में राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने को लेकर कोई आशंका न रहे।
वाईएसआर कांग्रेस की क्या थी मांग?
वाईएसआर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर शिकायत की थी कि विपक्ष के प्रत्याशियों को हिंसा के जरिए नामांकन भरने से रोका गया है। अगर अभी चुनाव आयोग को उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट प्रकाशित करने दिया गया, तो 63% प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे।
वाईएसआर कांग्रेस का आरोप
इससे पहले वाईएसआरसीपी के राज्य महासचिव एल. अप्पी रेड्डी ने राज्य चुनाव आयुक्त से अपील की कि वे स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा में तुरंत हस्तक्षेप करें।
उन्होंने पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की और इसके लिए जिम्मेदार टीडीपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। रेड्डी ने आरोप लगाया कि कुप्पम में वाईएसआरसीपी के चेयरपर्सन पद के उम्मीदवार विजय कुमार का उनके डीके पल्ली स्थित आवास से अपहरण कर लिया गया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
