आर्थिक मंदी के भंवर में फंसी टाटा स्टील, 3000 से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी पर लटकी तलवार

टाटा समूह की तरफ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि वह अपने यूरोपीय परिचालनों में 3,000 से ज्यादा कर्मचारियों की संख्या में कटौती करके अपनी परफॉरमेंस में सुधार करना चाहती है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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आर्थिक मंदी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था के बिगड़ते हालातों के बीच टाटा स्टील जल्द ही अपने 3000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्लानिंग कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा स्टील अपने यूरोप स्थित ऑफिस से 3,000 से भी ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। कंपनी ने सोमवार को कहा था कि व्यापार में आई मंदी के चलते कंपनी ऐसा करने को मजबूर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टाटा ग्रुप के यूरोपीय मुख्य कार्यकारी (CEO) हेनरिक एडम ने पहले ही बिना आंकड़े जारी किए ये कहा था कि जल्द ही कंपनी यूरोप में अपने कर्मचारियों की नौकरियां वापस ले सकती है।


टाटा समूह की तरफ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि वह अपने यूरोपीय परिचालनों में 3,000 से ज्यादा कर्मचारियों की संख्या में कटौती करके अपनी परफॉरमेंस में सुधार करना चाहती है। भारतीय कंपनी टाटा स्टील, जिसने अपने यूरोपीय कारोबार को मजबूत करने के लिए जून में एक परिवर्तन कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें कंपनी ने नीदरलैंड और वेल्स में स्टील निर्माण शुरू किया था।

टाटा स्टील की ओर से यहां आयोजित जनजातीय संवाद कार्यक्रम में अर्थव्यवस्था में सुस्ती के ऊपर पूछे गए सवाल पर टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार आ रहा है। नरेंद्रन ने कहा कि ऑटो सेक्टर में थोड़ी सुस्ती है, लेकिन बाकि दूसरे क्षेत्रों में सुधार दिखाई दे रहा है।


इससे पहले टीवी नरेंद्रन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे हर साल संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इस साल 180 से ज़्यादा आदिवासी समुदायो के प्रवक्ताओं ने संवाद सम्मेलन में हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील का ये मंच आदिवासी समुदाय को अपनी बात रखने का एक मंच देता है। नरेंद्रन ने उम्मीद जताई कि ये सम्मेलन आदिवासियों की समस्याओ को हल करने के लिए काम करने में मदद करेगा।

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