‘इंसान से ज्यादा महत्वपूर्ण कुर्सी’, सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण पर शिंदे गुट के मंत्री शिरसाट ने उठाए सवाल
शिरसाट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले दो दिनों की घटनाओं से पता चलता है कि कुर्सी इंसान से अधिक महत्वपूर्ण है। आम लोगों को यह पसंद नहीं है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ये घटनाएं और शपथ ग्रहण समारोह थोड़ा बाद में होने चाहिए थे।’’

महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने शनिवार को कहा कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में अजित पवार की मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद हो रहा नए उपमुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह ‘ (अभी नहीं) बाद में होना चाहिए था’। मंत्री ने कहा कि इस घटनाक्रम से पता चलता है कि ‘कुर्सी एक इंसान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।’
मंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि यह जल्दबाजी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की आंतरिक राजनीति का परिणाम है।
सुनेत्रा पवार शपथ लेंगी
अजित पवार की विधवा सुनेत्रा पवार एनसीपी के विधायक दल की नेता चुनी गयी हैं। वह शाम पांच बजे उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। यह कदम बारामती विमान हादसे के तुरंत बाद के राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर उठाया जा रहा है।
कुर्सी इंसान से अधिक महत्वपूर्ण
शिरसाट ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले दो दिनों की घटनाओं से पता चलता है कि कुर्सी इंसान से अधिक महत्वपूर्ण है। आम लोगों को यह पसंद नहीं है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि ये घटनाएं और शपथ ग्रहण समारोह थोड़ा बाद में होने चाहिए थे।’’
उन्होंने कहा,“अजित पवार की मृत्यु के बाद जो घटनाएं हम देख रहे हैं, वे एक दिन तो होनी ही थीं। लेकिन सुनेत्रा पवार का इतनी जल्दी मुंबई रवाना होना और उनके (एनसीपी) पार्टी नेताओं के बयान हमें हजम नहीं हो रहे हैं। इतनी जल्दबाजी क्यों? शपथ ग्रहण समारोह एक सप्ताह बाद भी हो सकता था।”
एनसीपी के वियल पर मंत्री शिरसाट की राय
शिरसाट ने यह भी कहा कि अजित पवार की मृत्यु के बाद बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के कारण एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विलय में अब लंबा समय लग सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘कहा जा रहा है कि विलय को लेकर बैठकें हुईं। पहले अजित पवार के फैसले का किसी ने विरोध नहीं किया था। लेकिन अब जब वह नहीं रहे, तो विलय का निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ
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