अमित शाह ने नागालैंड हिंसा पर देश को किया गुमराह, संसद में बोला झूठ, इस्तीफा दें गृहमंत्री: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने नागालैंड में इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा को लेकर संसद में गलत बयान दिया है और देश को गुमराह किया है इसलिए झूठ बोलने के लिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

फोटो: लोकसभा
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने नागालैंड में इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा को लेकर संसद में गलत बयान दिया है और देश को गुमराह किया है इसलिए झूठ बोलने के लिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले की गुवाहाटी उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए।

नागालैंड हिंसा पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गठित जांच दल के सदस्य अजय कुमार ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मामले को लेकर श्री शाह ने जो बयान दिया वह असत्य और गुमराह करने वाला है।

अजय कुमार ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एक 4 सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसमें जितेन्द्र सिंह जी थे, गौरव गोगोई जी थे, एंटो एंटनी साहब थे और मैं था। तो हम निकले और इस घटनाक्रम के बारे में मैं इसलिए जानकारी देना चाहूंगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी देश से कोई बात छुपाने की कोशिश कर रही है, वो सार्वजनिक रुप से आपके सामने स्पष्ट रुप से मैं प्रस्तुत करना चाहूंगा।


जब हम लोग निकले दिल्ली से जोरहाट के लिए, क्योंकि जोरहाट सबसे करीब एयरपोर्ट है मोन जिले से, असम के जोरहाट से करीब 3 घंटे का रास्ता है। तो तुरंत, जैसे ही हमने लैंड किया, जोरहाट पहुंचे तो वहाँ पर सीआईएसएफ से लेकर असम पुलिसकर्मियों ने हमें घेरा और फिर एक वेटिंग रुम में ले गए और चाय और पानी पिलाने की कोशिश की और यहाँ तक कि उन्होंने हमारी रिटर्न फ्लाइट, जिस फ्लाइट से हम गए थे, उसी फ्लाइट में बुक भी कर दिया था। तो बहसा-बहसी हुई, फ्लाइट तो चली गई। तब हमने कहा कि आप किस आधार पर हमें रोक रहे थे? तो उन्होंने एक आदेश दिखाया कि धारा 144 लागू की गई थी और खासतौर से हम लोगों के ऊपर ये आदेश था कि हम एयरपोर्ट के परिसर से बाहर नहीं निकल सकते हैं। हम तीनों लोग धरने पर बैठ गए। उस दरमियान नागालैंड के अध्यक्ष जी ने एक प्रेस रिलीज भी रिलीज की, एक वीडियो भी रिलीज किया। कांग्रेस पार्टी ने, इस जांच कमेटी ने पूरी तरह से कानून को इज्जत देते हुए हमने चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को पहले ही खबर की थी कि हम आ रहे हैं मोन जिला में, इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए। रात को किसी तरह से ये सहमति बन गई थी कि हमको डिब्रूगढ़ जाने की अनुमति है, क्योंकि वहाँ पर दो घायल लोग उपस्थित हैं। तो हमने कहा कि कम से कम उनके परिवारजन से बातचीत करके कोई जानकारी मिल सकती है। अब आपको जो प्रेस रिलीज मिलेगी, उसमें परिवारजन का और रिश्तेदार का नाम हम सार्वजनिक इसलिए नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वो लोग डरे हुए थे।

श्री शाह ने कहा कि जिस वाहन पर गोलियां चलाई गई उसमें उग्रवादियों के होने की सूचना थी इसलिए गोली चलाई गई जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वाहन में खदानों में काम करने वाले गांव के लोग थे और उनके वाहन को विस्फोट कर उड़ा गया था।


उन्होंने कहा कि श्री शाह ने संसद में कहा कि उन्होंने मामले की विशेष जांच दल- एसआई टी से उन्होंने जांच कराने के आदेश दिए है जबकि एसआईटी के गठन का आदेश नागालैंड सरकार ने दिया था।


कांग्रेस नेता ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए और घायलों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि राज्य सरकार ने पांच-पांच लाख रुपए देने का ऐलान किया है लेकिन पीड़ित परिवारों ने उसे लेने से इनकार कर दिया है।

अजय कुमार ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि ये है देश के होम मिनिस्टर का असली राजनीतिक चेहरा। हमें अफ़सोस है कि इतनी बड़ी घटना के बाद श्री अमित शाह जी को सिर्फ पॉलिटिक्स याद आती है, जाते हैं सिर्फ अपने राजनीति करने के लिए जयपुर, जबकि उन्हें सीधा मोन जिला पहुंचना चाहिए था।

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