दिल्ली-एनसीआर में लोगों के लापता होने के मामले में सरकार और पुलिस को नोटिस, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

हाईकोर्ट में नई याचिका जयिता देब सरकार ने दायर की। बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने संबंधित अधिकारियों को चार हफ्ते में अपना जवाब फाइल करने का निर्देश दिया।

फोटोः IANS
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आईएएनएस

दिल्ली हाईकोर्ट ने 800 से अधिक लोगों के मामले में बुधवार को दिल्ली पुलिस, केंद्र, दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने इस मामले में नई याचिका पर पुलिस, सरकार और एनएचआरसी से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट में नई याचिका जयिता देब सरकार ने दायर की। बुधवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने संबंधित अधिकारियों को चार हफ्ते में अपना जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई मार्च में होगी।

इससे पहले, 11 फरवरी को पीआईएल पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अथॉरिटीज से जवाब मांगा था।


दरअसल, पिछले महीने एक रिपोर्ट में राजधानी दिल्ली में सिर्फ 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब होने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 191 नाबालिग और 616 वयस्क शामिल थे। इस खबर से लोगों में काफी चिंता फैल गई।

6 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर लोगों में डर फैलाया जा रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि जो लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर दहशत का माहौल बना रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, 9 फरवरी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया था। एनएचआरसी ने कहा कि अगर यह रिपोर्ट सही है, तो यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बनता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।

 इससे मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर भी सवाल उठाए थे। आम आदमी पार्टी ने कहा, "आपके बच्चों की सुरक्षा करने में सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं, इसलिए अपना और अपने बच्चों का ध्यान रखें।"