ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, फौरन देश छोड़ने की दी सलाह

अमेरिका ने पिछले 22 साल में मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामिक रिपब्लिक के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दे रहे हैं। इन्हीं सब चेतावनियों और धमकियों के बीच अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।

ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, फौरन देश छोड़ने की दी सलाह
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नवजीवन डेस्क

ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच भारतीय दूतावास ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले पोलैंड और सर्बिया ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया था। अमेरिका ने पिछले 22 साल में मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामिक रिपब्लिक के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दे रहे हैं। इन्हीं सब चेतावनियों और धमकियों के बीच अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।

ईरान में भारतीय दूतावास ने लिखा, "भारत सरकार की 5 जनवरी 2026 की एडवाइजरी को जारी रखते हुए, और ईरान में बदलते हालात को देखते हुए, जो भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं (छात्र, तीर्थयात्री, बिजनेस करने वाले और टूरिस्ट) उन्हें सलाह दी जाती है कि वे कमर्शियल फ्लाइट समेत ट्रांसपोर्ट के मौजूद तरीकों से ईरान छोड़ दें।"

भारतीय दूतावास ने आगे लिखा कि एडवाइजरी में यह दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और पीआईओ को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय एम्बेसी के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी डेवलपमेंट के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए। एंबेसी ने ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ट्रैवल और इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स, जिनमें पासपोर्ट और आईडी शामिल हैं, अपने पास तैयार रखें।


उनसे इस बारे में किसी भी मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करने का अनुरोध किया जाता है। मदद के लिए भारतीय दूतावास ने नंबर भी जारी किया है। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट हेल्पलाइन के लिए मोबाइल नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 हैं।

इसके अलावा सीओएनएस डॉट तेहरान एट द रेट डॉट जीओवी डॉट इन पर ईमेल भी कर सकते हैं। ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों, जिन्होंने भारतीय दूतावास में रजिस्टर नहीं किया है, उन्हें तुरंत रजिस्टर करने के लिए कहा गया है। अगर कोई भारतीय नागरिक ईरान में इंटरनेट की दिक्कतों की वजह से रजिस्टर नहीं कर पाता है, तो भारत में उनके परिवार ऐसा कर सकते हैं।

इससे पहले सर्बिया ने अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है। सर्बियाई विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, "सुरक्षा व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के कारण, सर्बिया गणराज्य के नागरिकों को ईरान जाने की सलाह नहीं दी जाती है। वहीं, ईरान में मौजूद सभी लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।" सर्बिया ने ईरान में अपने नागरिकों से "जितनी जल्दी हो सके" देश छोड़ने की अपील की है।


बाल्कन देश ने जनवरी में ही सर्बियाई नागरिकों को ईरान छोड़ने और वहां न जाने के लिए कहा था। दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। गुरुवार को ही पोलिश पीएम डोनाल्ड टस्क ने अपने लोगों से ईरान न जाने और वहां से लौट आने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ईरान में मौजूद पोलिश नागरिकों को तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए क्योंकि हथियारों से लैस लड़ाई की आशंका के कारण "कुछ ही घंटों में निकलना मुमकिन नहीं होगा।"