हंगामेदार रहा शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, राम मंदिर, राफेल और कावेरी मुद्दे पर दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

कांग्रेस, टीडीपी,अन्नाद्रमुक और शिवसेना के सदस्यों के अलग-अलग मुद्दों पर हंगामे केकारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के स्थगित कर दी गयी।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

लोकसभा में बुधवार को विपक्ष और शिवसेना के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने जहां राफेल सौदे सहित विभिन्न मुद्दों को उठाया, वहीं एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण जल्द कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस सदस्य सुनील जाखड़ द्वारा दिए गए नोटिस पर बोलने के लिए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी सीट से उठे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। सुनिल जाखड़ ने राफेल सौदे पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था।

कांग्रेस, टीडीपी और अन्य विपक्षी सदस्यों द्वारा हंगामा शुरू किए जाने के बाद विपक्षी नेता नारेबाजी करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आसन के पास पहुंच गए। हंगामे के कारण महाजन प्रश्नकाल संचालित नहीं कर सकीं और उन्होंने दोपहर तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही जैसे ही दोपहर 12 बजे शुरू हुई, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और टीडीपी के सदस्य फिर से हंगामा करने लगे। वे सुमित्रा महाजन के आसन के पास पहुंचकर राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे।

इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के सदस्यों ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल वितरण के विवाद का मुद्दा उठाया, जबकि टीडीपी ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग की। शिवसेना सांसदों ने अयोध्या में जल्द एक भव्य राम मंदिर का निर्माण कराने की मांग की और लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए। जिसके बाद सुमित्रा महाजन को सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इससे पहले शिवसेना सदस्यों ने अयोध्या में जल्द से जल्द भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। शिवसेना सदस्य संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्रित हो गए। अपने हाथों में तख्तियां लिए इन सदस्यों ने ‘हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार’ का नारा लगाया।

वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में कावेरी डेल्टा के किसानों की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक ने बुधवार को राज्यसभा में भारी हंगामा किया। जिसके कारण सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। हालांकि सभापति ने हंगामे के बीच ही राष्ट्रीय मानसिक मंदता कल्याण न्यास संबंधी विधेयक पारित करा दिया। अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने इस मुद्दे पर सुबह से ही कार्यवाही नहीं चलने दी जिसके चलते शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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