'‘वोट चोरी सरकार’ ने 'ग्रामीण मजदूरी चोरी' में भी महारत हासिल की', वीबी-जीरामजी योजना में गड़बड़ी के आरोपों पर जयराम

कांग्रेस नेता ने खबर का हवाला देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में पाया गया कि कई ग्रामीणों ने महीनों से काम नहीं किया था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम करते हुए दिखाया गया।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश
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  • जयराम रमेश बोले- 'विकसित भारत जी राम जी' योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर "सर्जिकल स्ट्राइक" है।

  • जयराम ने कहा, 'केंद्र की ‘‘वोट चोरी सरकार’’ ने अब ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी की ‘‘चोरी’’ में भी महारत हासिल कर ली है।'

  • रमेश ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेता कथित तौर पर मजदूरों के नाम पर दर्ज मजदूरी की रकम हड़प रहे हैं।

कांग्रेस ने 'विकसित भारत जी राम जी' योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर "सर्जिकल स्ट्राइक" करार दिया है। पार्टी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र की ‘‘वोट चोरी सरकार’’ ने अब ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी की ‘‘चोरी’’ में भी महारत हासिल कर ली है।

जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिले एक दशक के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहे हैं और ऐसी विकट परिस्थितियों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण परिवारों के लिए सहायता की गारंटी हुआ करता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (वीबी-जीरामजी) योजना लाना ग्रामीण भारत की रक्षा करने वाले सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर ‘‘सर्जिकल स्ट्राइक’’ से कम नहीं है।


मजदूरी की रकम हड़पने का आरोप

कांग्रेस नेता ने खबर का हवाला देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में पाया गया कि कई ग्रामीणों ने महीनों से काम नहीं किया था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम करते हुए दिखाया गया।

रमेश ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेता कथित तौर पर मजदूरों के नाम पर दर्ज मजदूरी की रकम हड़प रहे हैं।

बीजेपी शासित कई राज्यों में गड़बड़ी का दावा 

उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी हाजिरी और कथित ‘‘क्लोन ऐप’’ के जरिये गड़बड़ी से संबंधित खबरें सामने आने का दावा किया।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि श्रमिकों की मजदूरी की ‘‘व्यवस्थित चोरी’’ है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘वोट चोरी सरकार ने ग्रामीण मजदूरी की चोरी में भी महारत हासिल कर ली है।’’

पीटीआई के इनपुट के साथ

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