100% एफडीआई को खुदरा क्षेत्र में लागू करने का मोदी सरकार का फैसला, 2014 से पहले बीजेपी थी इसके खिलाफ 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार और निर्माण क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है। 2014 में सरकार बनने से पहले बीजेपी इसका जोर-शोर से विरोध कर रही थी।

फोटोः सोशल मीडिया
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एक अहम फैसले में केंद्र की बीजेपी सरकार ने अपने परंपरागत स्टैंड से यू टर्न लेते हुए एकल ब्रांड खुदरा कारोबार (एसबीआरटी) और निर्माण क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सरकार ने एयर इंडिया में भी 49 फीसदी एफडीआई की मंजूरी देकर इसके निजिकरण का रास्ता खोल दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों और पोर्टफोलियो निवेशकों को पॉवर एक्सचेंज में प्राथमिक बाजार के माध्यम से मौका दिया जाने और और एफडीआई नीति में 'मेडिकल उपकरणों' की परिभाषा में बदलाव करने का भी फैसला लिया है। ये सभी निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए।

बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "आय और रोजगार में वृद्धि के लिए एफडीआई का निवेश बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सिंगल ब्रांड खुदरा व्यापार में स्वचालित मार्ग से 100 फीसदी विदेशी निवेश को अनुमति देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा टाउनशिप, हाउसिंग, अवसंरचना और रियल एस्टेट ब्रोकिंग सेवा संबंधी निर्माण और विकास क्षेत्र में भी 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति होगी।” इसके अलावा सरकार ने कहा, "यह फैसला किया गया है कि रियल एस्टेट ब्रोकिंग सेवा, रियल एस्टेट कारोबार के तहत नहीं आता है, इसलिए यह स्वचालित मार्ग से 100 फीसदी एफडीआई प्राप्त करने के योग्य है।" आज की बैठक में विदेशी एयरलाइनों को एयर इंडिया में अनुमोदन मार्ग के तहत 49 फीसदी तक निवेश करने की मंजूरी दे दी गई है। जिससे एयर इंडिया में विदेशी निवेश 49 प्रतिशत से अधिक होगा।" इससे पहले किसी भी नियम के तहत एयर इंडिया में विदेशी निवेश लागू नहीं था। कोई भी विदेशी एयरलाइंस पूर्ण रूप से सरकारी स्वामित्व वाली राष्ट्रीय एयरलाइंस में निवेश नहीं कर सकती थी।

कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने ही स्टैंड से यू टर्न लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के पुराने बयानों को ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी विदेशी निवेश की मंजूरी से पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली की दोहरी नीति सामने आ गई है। मोदी जी का व्यापारियों और निर्माण क्षेत्र को नुकसान और जेटली जी के अंतिम सांस वाले बयान अंततः जुमला साबित हुए हैं।

केंद्र की बीजेपी सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के नाम पर सरकार की एफडीआई नीति को आसान बनाने का दावा किया है। वर्तमान एफडीआई नीति के तहत सिंगल ब्रांड रिटेल में 49 फीसदी का निवेश स्वचालित मार्ग से और उससे अधिक का निवेश 100 फीसदी तक सरकार की मंजूरी के बाद करने का प्रावधान था। लेकिन सबसे आश्चर्य की बात ये है कि कुछ साल पहले तक केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान वर्तमान पीएम और गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी एफडीआई के सबसे मुखर विरोध थे। वर्तमान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी विदेशी निवेश का कड़ा विरोध किया था।

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Published: 10 Jan 2018, 6:54 PM