यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित, लड़कियों ने मारी बाजी, 10वीं में 79.88 और 12वीं में 81.96 फीसदी छात्राएं सफल

यूपी बोर्ड परीक्षा-2020 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस बार हाई स्कूल और इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद और इंटरमीडिएट में 74.63 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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आईएएनएस

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने शनिवार को राजधानी के लोकभवन में यूपी बोर्ड परीक्षा-2020 का परिणाम घोषित कर दिया। इस बार हाई स्कूल और इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद और इंटरमीडिएट में 74.63 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि इस बार हाई स्कूल और इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.22 है। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों की अपेक्षा 7.10 प्रतिशत अधिक है। इंटरमीडिएट में 74. 63 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 74.50 रहा। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों की अपेक्षा 13 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि हाई स्कूल में बागपत की रिया जैन ने 96.67 फीसद अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे नंबर पर बाराबंकी के अभिमन्यु वर्मा 95. 83 फीसद अंक मिला। बाराबंकी के ही योगेश प्रताप सिंह तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें 95.33 फीसद अंक मिले हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया, "इंटरमीडिएट में बागपत के अनुराग मलिक ने पहला स्थान प्राप्त किया। उन्हें 97 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं। दूसरे नंबर पर प्रयागराज के प्रांजल को 96 प्रतिशत अंक मिला और तीसरे नंबर पर औरैया के उत्कर्ष शुक्ला 94.80 फीसद अंक मिला।"

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें 10वीं में 27,44,976 परीक्षार्थी और 12 में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परीक्षा परिणाम अच्छे रहे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा, "कोरोना के संक्रमण काल में यह परिणाम घोषित होना बड़ी उपलब्धि है। दो करोड़ 96 लाख कपियों को 21 दिनों में जांचना भी बड़ी उपलब्धि है। इस बार नकल विहीन परीक्षा हो, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। लखनऊ से परीक्षा केंद्रों का लाइव मॉनिटरिंग की जा रही थी। इस बार परीक्षा में तकनीक का पूर उपयोग किया गया। इस बार पहली बार इंटरमीडिएट में कंपार्टमेंट की व्यवस्था की गई है। यानी जो उनुत्तीर्ण हुए हैं उन्हें फिर उत्तीर्ण होने का अवसर मिलेगा।"

Published: 27 Jun 2020, 2:17 PM
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