यूपी विधान परिषद चुनाव: आगरा में सपा ने फिर बीजेपी को दी पटखनी, वाराणसी में भी लहराया परचम

जीत के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ आकाश अग्रवाल ने मतगणना के दौरान मारपीट का आरोप लगाया। जीत के बाद उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक साथियों को बहुत परेशान किया गया था।

यूपी विधान परिषद चुनाव: आगरा में सपा ने फिर बीजेपी को दी पटखनी, वाराणसी में भी लहराया परचम (फोटो: IANS)
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उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को आगरा और वाराणसी में झटका दिया है। वहीं दो सीटों में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव और आगरा शिक्षक सीट पर सपा डॉक्टर आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की है।

वाराणसी स्नातक सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा आगे

वहीं, खबर लिखे जाने तक वाराणसी स्नातक सीट पर चल रही मतगणना में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा तीसरे राउंड तक 2900 वोटो से आगे चल रहे हैं। हालांकि आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गुरुजी ने सपा के शशांक यादव को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।


आगरा में बवाल

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में विजयी घोषित होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर नरेंद्र प्रताप ने बुधवार को डॉ. आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। हालांकि, प्रशासन की ओर से मतों के अंतिम आधिकारिक आंकड़े तत्काल उपलब्ध नहीं कराए गए।

जीत के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ आकाश अग्रवाल ने मतगणना के दौरान मारपीट का आरोप लगाया। जीत के बाद उन्होंने  कहा कि हमारे शिक्षक साथियों को बहुत परेशान किया गया था। बूथ कैप्चरिंग शुरू हो गई थी, यह बहुत पीड़ादायक था। शिक्षक MLC का चुनाव बदल चुका है, मेरा मानना है कि इसमें कभी शिक्षक नहीं  लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की एक छवि थी कि यह आतंकवादियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ है मगर जब मैंने देखा कि मेरे साथियों को डराया और धमकाया जा रहा है और बूथ कैप्चरिंग देखी तो वह छवि टूट गई। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी समाज के लिए काम करते हैं।

घटना पर आगरा पुलिस कमिश्नर का बयान 

आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि पूरी गणना शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दोनों विजयी प्रत्याशियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी तरह का विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्याशियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

 मतगणना के दौरान रात में हुए हंगामे से जुड़े सवाल पर दीपक कुमार ने कहा कि संबंधित प्रक्रिया मतगणना स्थल के अंदर हुई थी और बाहर किसी तरह की घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस को अब तक किसी की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस कमिश्नर ने मतगणना में तैनात पुलिसकर्मियों, मतदानकर्मियों और पत्रकारों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि मतपत्रों से होने वाली मतगणना की प्रक्रिया लंबी होती है और पुलिसकर्मी सुबह पांच बजे से लगातार ड्यूटी पर तैनात रहे।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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