नहीं रहे मुशायरों की जान कहे जाने वाले शायर अनवर जलालपुरी, ‘गीता’ का उर्दू में किया था अनुवाद
उर्दू के मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का निधन हो गया है। लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में उन्होंने आखिरी सांस ली।

लखनऊ में मशहूर उर्दू शायर अनवर जलालपुरी का 2 जनवरी को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 71 साल के थे। अनवर जलालपुरी को 28 दिसंबर 2017 को मस्तिष्क आघात के बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। वह बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनके सिर पर चोट आई थी। तब से वह वेंटिलेटर पर थे। अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया, “1 जनवरी को उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और 2 जनवरी को उनका निधन हो गया।”
मुशायरों की जान कहे जाने वाले अनवर जलालपुरी ने 'राहरौ से रहनुमा तक', 'उर्दू शायरी में गीतांजलि' और भगवद् गीता के उर्दू संस्करण 'उर्दू शायरी में गीता' पुस्तकें लिखीं, जिन्हें बेहद सराहा गया। उन्होंने 'अकबर द ग्रेट' धारावाहिक के संवाद भी लिखे थे। अनवर जलालपुरी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती से भी सम्मानित किया गया था।

अनवर जलालपुरी को 3 तीन जनवरी को दोपहर में दोपहर की नमाज के बाद अम्बेडकर नगर स्थित उनके पैतृक स्थल जलालपुर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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Published: 02 Jan 2018, 5:18 PM
