वाल्मीक थापर का निधन बहुत बड़ी क्षति, बाघ संरक्षण में रही उनकी अग्रणी भूमिका: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि थापर बाघों पर चार दशकों से अधिक समय तक काम करने वाले दुनिया के अग्रणी संरक्षणवादी थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी क्षति है।’’

वन्यजीव संरक्षणवादी वाल्मीक थापर का निधन
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को वन्यजीव संरक्षणवादी वाल्मीक थापर के निधन पर शोक व्यक्त किया और बाघ संरक्षण से जुड़ी उनकी भूमिका की सराहना की।

भारत के सबसे प्रतिष्ठित वन्यजीव संरक्षणवादियों और लेखकों में से एक थापर का शनिवार सुबह 73 वर्ष की उम्र में उनके आवास पर निधन हो गया।

खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘थापर बाघ संरक्षण में महारत रखते थे। वह भारत के सबसे सम्मानित वन्यजीव विशेषज्ञों में से एक थे और उन्हें 2005 में ‘टाइगर टास्क फोर्स’ का सदस्य नियुक्त किया गया था। उनके परिवार, दोस्तों, वन्यजीव उत्साही और संरक्षण समुदाय के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’


कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि थापर बाघों पर चार दशकों से अधिक समय तक काम करने वाले दुनिया के अग्रणी संरक्षणवादी थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ी क्षति है।’’

रमेश ने कहा कि आज का रणथंभौर विशेष रूप से उनकी गहरी प्रतिबद्धता और अथक उत्साह का प्रमाण है।

पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा, ‘‘वह जैव विविधता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विलक्षण रूप से विशेषज्ञता रखते थे और मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान एक भी दिन ऐसा नहीं बीता जब हमारी एक-दूसरे से बात न हुई हो। उनसे मुझे अकसर ही आलोचना का सामना करना पड़ता था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह वास्तव में एक अविस्मरणीय व्यक्ति थे।’’

पीटीआई के इनपुट के साथ

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