'वोट चोरी तो सिर्फ ट्रेलर, पूरी पिक्चर हक-हुकूक चोरी की है', जयराम रमेश का SIR को लेकर मोदी सरकार पर आरोप
जयराम रमेश ने आशंका जताई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लाभार्थियों की पहचान का आधार बनाने से बड़े पैमाने पर लोगों को योजनाओं के दायरे से बाहर किया जा सकता है।

कांग्रेस ने सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार के स्थान पर मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) इस्तेमाल किए जाने की कथित योजना को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या यह मोदी सरकार की आधिकारिक नीति है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि ‘वोट चोरी’ तो केवल ट्रेलर है और पूरी पिक्चर ‘हक-हुकूक चोरी’ की है।
जयराम रमेश का मोदी सरकार पर आरोप
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पिछले कुछ दिनों में दो बार कहा है कि सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह अब मोदी सरकार की आधिकारिक नीति है?
कांग्रेस नेता का कहना था, ‘‘यदि ऐसा है तो इसका मतलब होगा कि आधार का इस्तेमाल उस प्राथमिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा, जिसके लिए इसकी परिकल्पना की गई थी और इसे तैयार किया गया था।’’
SIR की मंशा पर सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि आधार के इस्तेमाल के तरीके को लेकर पहले भी उचित चिंताएं जताई जाती रही हैं। उनके मुताबिक, इसके कारण लाखों लोग सामाजिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित हुए हैं।
जयराम रमेश ने आशंका जताई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लाभार्थियों की पहचान का आधार बनाने से बड़े पैमाने पर लोगों को योजनाओं के दायरे से बाहर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘वोट चोरी तो सिर्फ ट्रेलर है। पूरी पिक्चर हक-हुकूक चोरी की है।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ
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