बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में एक भी सीट न मिलने से अठावले नाराज, बोले- महाराष्ट्र में भुगतना होगा अंजाम

एक भी सीट नहीं छोड़े जाने से उपेक्षित आरपीआई के नेता रामदास अठावले ने गठबंधन में बने रहने के लिए कुछ मांगे रखी हैं। दरअसल अठावले अपनी पार्टी के लिए महाराष्ट्र में दो सीट चाहते हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के बाद महराष्ट्र में भी एनडीए में दरार दिखाई पड़ रहा है। दरअसल बीजेपी-शिवसेना के बीच हुए गठबंधन में केंद्र सरकार में मंत्री रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) को दरकिनार कर दिया गया है। एक भी सीट नहीं छोड़े जाने से उपेक्षित आरपीआई के नेता रामदास अठावले ने गठबंधन में बने रहने के लिए कुछ मांगे रखी हैं। दरअसल अठावले अपनी पार्टी के लिए महाराष्ट्र में दो सीट चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और शिवसेना अपनी एक-एक सीटें हमें दें। अठावले मुंबई की एक सीट और एक मुंबई के बाहर की सीट चाहते हैं। इससे पहले सीट न मिलने से नाराज अठावले ने कहा था कि उनकी उपेक्षा की गई है। उन्होंने बीजेपी और शिवसेना से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।

हालांकि अठावले एनडीए के साथ ही रहना चाहते हैं लेकिन सीट न मिलने से नाराज चल रहे अठावले ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी और शिवसेना उन्हें सीट नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी को आगे की रणनीति पर विचार करना पड़ेगा।

मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'हमारी पार्टी के लिए एक भी सीट नहीं छोड़ने का फैसला बहुत गंभीर बात है। मैं इससे खुश नहीं हूं, नाराज हूं’। अठावले ने बीजेपी और शिवसेना पर दलित समाज की उपेक्षा करने के भी आरोप लगाए हैं। अठावले ने कहा कि, ‘उन्होंने दलित समाज की उपेक्षा की है, आरपीआई की उपेक्षा की है और मेरी उपेक्षा की है। दलित समाज में भी तीखी प्रतिक्रिया हो रही है।' आरपीआई के नेता ने कहा, '2014 में हमारी पार्टी के लिए एक सीट छोड़ी गई थी। मैंने बार-बार कहा था कि भाजपा और शिवसेना को साथ आना चाहिए। अब वे साथ आए हैं तो अच्छी बात है, लेकिन आरपीआई को भूलना ठीक बात नहीं है। हमारी महाराष्ट्र में ताकत है और आरपीआई के वोटों की बदौलत इनको जीत भी मिली। अगर हमें साथ नहीं लेते हैं तो इनको भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।'

बता दें कि महाराष्ट्र में लोकसभा की कुल 48 सीटें हैं। जिसमें से बीजेपी 25 पर और शिवसेना 23 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी आरपीएई के लिए एक भी सीटें नहीं छोड़ी गई हैं।

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