बारिश, बर्फबारी या बढ़ेगा तापमान? जानिए यूपी, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड समेत देशभर में कैसा रहेगा मौसम का अगला दौर

यूपी, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान में मौसम फिर बदलने वाला है। कहीं, बारिश और बर्फबारी के आसार हैं तो कहीं तापमान बढ़ने की संभावना।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है। अलग-अलग स्तरों पर सक्रिय मौसमी प्रणालियां आने वाले दिनों में उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिणी तटों तक असर दिखा सकती हैं। खासकर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

ऊपरी हवा में क्या बन रहा है सिस्टम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर, पंजाब के करीब करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके साथ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में एक द्रोणिका (ट्रफ) भी जुड़ी हुई है, जो लगभग 68° पूर्वी देशांतर से 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर फैली हुई है।

इसी सिस्टम के प्रभाव से निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के इलाकों में एक प्रेरित साइक्लोनिक परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अलावा, उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 125 नॉट की तीव्र कोर पवनों के साथ बह रही है, जो ऊपरी वायुमंडल में तेज बदलाव का संकेत देती है।

निचले स्तरों पर दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उससे सटे क्षेत्रों में भी एक ऊपरी वायु साइक्लोनिक परिसंचरण मौजूद है। वहीं पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी निचले स्तरों पर एक और ऊपरी वायु साइक्लोनिक परिसंचरण सक्रिय है।


तीन पश्चिमी विक्षोभों का असर

आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में क्रमिक रूप से तीन पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकते हैं।

  • पहला पश्चिमी विक्षोभ: 10 फरवरी

  • दूसरा पश्चिमी विक्षोभ: 13 फरवरी

  • तीसरा पश्चिमी विक्षोभ: 16 से 17 फरवरी 2026

इन प्रणालियों के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में छिटपुट से लेकर कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।

10 फरवरी का असर

10 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों से लेकर कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाओं के साथ वर्षा या बर्फबारी की आशंका है।


13 और 16 फरवरी की स्थिति

13 फरवरी और 16 फरवरी को भी इन पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।

16 फरवरी को पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश हो सकती है।

तापमान में क्या रहेगा बदलाव?

न्यूनतम तापमान

पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय परिवर्तन के संकेत नहीं हैं।


अधिकतम तापमान

कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में अगले 24 घंटों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।

इसके बाद आगामी चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। फिर तापमान सामान्य रूप से स्थिर रहने की संभावना है।

कोहरे की स्थिति

मेघालय में 11 फरवरी तक सुबह के समय कुछ स्थानों पर घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम के मौजूदा रुझान को देखते हुए अनुमान है कि ऐसी परिस्थितियां 20 फरवरी तक बनी रह सकती हैं।


आगे क्या संकेत दे रहा है मौसम?

लगातार सक्रिय हो रही मौसमी प्रणालियां संकेत दे रही हैं कि फरवरी का मध्य हिस्सा खासकर पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सक्रिय रह सकता है। पश्चिमी हिमालय में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी और स्थिरता देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, अगले कुछ दिन उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में सतर्क रहने वाले हैं, खासकर उन इलाकों में जहां गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है।

कुल मिलाकर, देश का मौसम फिलहाल कई स्तरों पर सक्रिय प्रणालियों के प्रभाव में है और 20 फरवरी तक इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है।  

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