'क्या परिसीमन बिल फिर से पारित कराने का प्रयास करेगी सरकार?' जयराम रमेश का केंद्र पर तंज, पूछे 3 सवाल
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि अगर सरकार ने ऐसा कोई प्रयास किया कि तो उसे सदन के पटल पर एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ेगा।

परिसीमन संविधान संशोधन बिल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच तकरार जारी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया
जयराम रमेश ने कहा कि अगर सरकार ने ऐसा कोई प्रयास किया कि तो उसे सदन के पटल पर एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ेगा।
परिसीमन संविधान संशोधन बिल को लेकर एक बार फिर से चर्चा गर्म है। मोदी सरकार और विपक्ष इस बिल को लेकर आमने-सामने है। इस मामले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया है। उन्होंने बीजेपी से तीन सवाल भी पूछे हैं। जयराम रमेश ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस लेटर का भी जिक्र किया, जो उन्होंने रिजिजू के लिए लिखा था और रिजिजू ने इसका जवाब भी दिया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि अगर सरकार ने ऐसा कोई प्रयास किया कि तो उसे सदन के पटल पर एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ेगा।
जयराम का पोस्ट
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी पूछा कि क्या सरकार के पास परिसीमन को लेकर कोई ठोस नया प्रस्ताव है और यदि ऐसा है तो क्या उसने इस पर किसी राजनीतिक दल के साथ चर्चा की है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 16 अक्टूबर को परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसका संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को जवाब दिया।
लोकसभा में गिर गया था परिसीमन बिल
जयराम के मुताबिक, रीजीजू ने अपने जवाब में मार्च, 2026 में परिसीमन को लेकर गृह मंत्री द्वारा कुछ राजनीतिक दलों के साथ की गई चर्चाओं का उल्लेख किया है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि रीजीजू ने यह उल्लेख नहीं किया कि इन चर्चाओं के दौरान गृह मंत्री ने कथित तौर पर कुछ ऐसे आश्वासन दिए थे, जिन्हें 16 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक इस साल 17 अप्रैल को लोकसभा में ‘‘निर्णायक रूप से’’ पराजित हो गया था और रीजीजू के अनुसार जिन दलों से परामर्श किया गया था, उनमें से अधिकतर ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया था।
जयराम रमेश का सरकार से तीन सवाल
कांग्रेस नेता ने सरकार से सवाल किया, ‘‘क्या मोदी सरकार के पास परिसीमन के लिए कोई ठोस नया प्रस्ताव है, जिस पर उसने किसी राजनीतिक दल से चर्चा की है?’’
उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने, अपना नया प्रस्ताव पारदर्शी तरीके से सामने रखने और सभी दलों की राय एक साझा मंच पर सुनने से क्यों इनकार कर रही है ?
रमेश ने दावा किया कि सभी विपक्षी दल लगातार सर्वदलीय बैठक की मांग करते रहे हैं और खरगे इस संबंध में छह बार लिखित आग्रह कर चुके हैं जिनमें से चार पत्र प्रधानमंत्री को और दो पत्र रीजीजू को लिखे गए हैं।
कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया, ‘‘क्या मोदी सरकार का इरादा पराजित विधेयक को फिर से लाने और उसे ‘महाकलंकित दो-तिहाई बहुमत’ से पारित कराने की एक और कोशिश करने का है ? यह निस्संदेह फिर विफल होगी। ’’
पीटीआई के इनपुट के साथ
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