'सरकार ने बिना चर्चा के लोकसभा में पास कराया कृषि कानून निरस्त करने का बिल', विपक्ष ने बताया काला दिन

लोकसभा में विरोधी पार्टियों के हंगामे के बीच सोमवार को कृषि कानूनों की वापसी से जुड़ा विधेयक - कृषि कानून निरसन विधेयक-2021 पारित हो गया।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

लोकसभा में विरोधी पार्टियों के हंगामे के बीच सोमवार को कृषि कानूनों की वापसी से जुड़ा विधेयक - कृषि कानून निरसन विधेयक-2021 पारित हो गया। विपक्ष ने बिना चर्चा के विधेयक पारित करवाने को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया तो वहीं सरकार ने विपक्ष पर जानबूझकर हंगामा करने और सदन की कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम चाहते हैं कि कृषि कानून निरसन विधेयक, 2021 पर चर्चा हो। लेकिन लोकसभा में इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कर वे (सरकार) सिर्फ यह साबित करना चाहते हैं कि वे किसानों के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि हम तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का स्वागत करते हैं। हमने लखीमपुर खीरी घटना और बिजली बिल सहित आंदोलन के दौरान हुई कई घटनाओं पर चर्चा की मांग की। किसान अभी भी धरना स्थल पर मौजूद हैं।


बिल पारित होने के बाद एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि "यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है। सरकार मन की बात करती है लेकिन जन की बात से भागती है।"

लोक सभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि "सरकार डर के कारण चर्चा से भाग गई । उन्होंने कहा कि विरोधी दल सरकार से एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे थे । हम चाहते थे कि कृषि कानूनों की वापसी वाले विधेयक पर चर्चा हो ताकि हम एमएसपी पर, किसानों को मुआवजे पर और किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर अपनी बात कह सकें, लेकिन सरकार ने बिना चर्चा के ही बिल को पारित करवा दिया।"


केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने विपक्ष पर जानबूझकर संसद में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। ये मुद्दाविहीन राजनीति कर रहे हैं और संसद को चलने नहीं देना चाहते हैं।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार जब इन तीनों कृषि कानूनों को वापस ले रही है तब भी हंगामा करने का कोई मतलब नहीं बनता है। उन्होंने एमएसपी को लेकर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चर्चा की मांग करने वाली कांग्रेस तो हमेशा चर्चा से भागती ही रही है। जब भी चर्चा होती है तो ये बॉयकॉट कर देते हैं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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Published: 29 Nov 2021, 2:29 PM