महिलाओं के आरक्षण की आड़ में सरकार की परिसीमन लागू करने की ‘कुटिल साजिश’: टीएमसी सांसद डेरक ओ'ब्रायन का आरोप
ओ'ब्रायन की यह टिप्पणी संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से एक दिन पहले आई है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर विचार किया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के आरक्षण की आड़ में परिसीमन लागू करने की ‘कुटिल साजिश’ को अंजाम दे रही है।
ओ'ब्रायन की यह टिप्पणी संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से एक दिन पहले आई है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर विचार किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर अपने एक पोस्ट में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का एक पुराना वीडियो भी साझा किया, जिसमें वे महिलाओं के आरक्षण की अपनी लंबे समय से जारी मांग को रेखांकित करती नजर आ रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘परिसीमन कुटिल एजेंडा है, महिलाओं का तो बहाना है।’’
तृणमूल नेता ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने ‘‘महिलाओं की कभी भी परवाह ही नहीं की।’’
ओ'ब्रायन ने लगभग तीन दशक पहले लोकसभा में बनर्जी के भाषण का हवाला दिया जिसमें बनर्जी ने कहा था, ‘‘ जब हम महिला आरक्षण विधेयक पेश नहीं कर सकते तो इस देश में महिलाओं का सम्मान कहां है? अध्यक्ष हमें निश्चित तिथि, जानकारी और समयसीमा बताएं कि इसे कब पेश किया जाएगा।’’
दरअसल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है।
इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इन्हीं से संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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