नेपाल 'जल प्रलय': बाढ़ में अब तक 270 लोगों की मौत, 288 भारतीयों समेत 1500 लोग लापता
नेपाल पुलिस ने बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। पुलिस के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद 93 और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हो गई।

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि अधिकारी लापता हजारों लोगों की तलाश में युद्धस्तर पर जुटे हैं। लापता लोगों में 288 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। यह हाल के वर्षों में नेपाल में आई सबसे भीषण आपदाओं में से एक है।
नेपाल पुलिस ने बताया कि बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई। पुलिस के अनुसार, भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद 93 और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हो गई।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, अब तक बरामद शवों में चितवन से 108, नवलपरासी पूर्व से 62, धादिंग से 27, गोरखा से 20, रसुवा से 17, नवलपरासी पश्चिम से 15, नुवाकोट से 12 और तनहुन से नौ शव बरामद किये गये हैं। काफले ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से घायलों सहित 800 से अधिक फंसे हुए लोगों को बचाया गया।
भूस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का प्रवाह अवरुद्ध होने से अचानक बाढ़ आ गयी। इसके बाद बाढ़ का पानी सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे पहुंचा।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में लापता बताए जा रहे हजारों लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं।
खनाल ने रसुवा क्षेत्र में इस आपदा में 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि भी की और हजारों लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ में 288 भारतीय लापता हैं।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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