दुनिया की 5 बड़ी खबरेंः ईरान में कोरोना से एक दिन में 54 की मौत और चीन के राष्ट्रपति ने किया वुहान का दौरा

कोरोना वायरस के प्रकोप से ईरान में मंगलवार को 54 और लोगों की मौत हो गयी, जिससे यहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को कोरोना वायरस के संक्रमण का केंद्र रहे वुहान शहर का दौरा किया और हालात का जायजा लिया।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

ईरान में कोरोना वायरस से एक दिन में 54 की मौत

ईरान में कोरोना वायरस का कहर जारी है। मंगलवार को ईरान में कोरोना वायरस से 54 और लोगों की मौत हो गयी, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 291 हो गई। ईरान में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 8042 हो गयी है । पश्चिम एशिया में कोरोना वायरस से ईरान सबसे अधिक प्रभावित देश है।

इस बच कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए ईरान ने करीब 70 हजार कैदियों को रिहा कर दिया है। ईरान की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी एक वेबसाइट ने ईरानी न्यायिक प्रमुख इब्राहिम रईसी के हवाले से बताया कि करीब 70 हजार कैदियों को रिहा कर दिया गया है। हालांकि कैदियों की रिहाई के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि इससे समाज में असुरक्षा पैदा नहीं हो। इस बात की भी संभावना है कि आगे चल कर और भी कैदी रिहा कर दिए जाएं। हालांकि न्यायिक प्रमुख

चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग ने वुहान का दौरा किया

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को विशेष तौर पर हुपेइ प्रांत की राजधानी वुहान जाकर नोवेल कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम का निरक्षीण किया। उन्होंने कहा, "हुपेइ और वुहान इस महामारी की रोकथाम में सबसे अहम और निर्णायक क्षेत्र हैं। कड़ी मशक्कत के बाद हुपेइ और वुहान की स्थिति सकारात्मक और अच्छी दिशा में बदल रही है और इसमें चरणबद्ध महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुईं हैं।"

विमान से उतरने के बाद शी चिनफिंग ने विशेष तौर पर ह्वोशनशान अस्पताल जाकर अस्पताल के संचालन, मरीजों की भर्ती, चिकित्सकों की सुरक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान की जानकारी ली। वहां उपचार ले रहे मरीजों को देखा और दिन-रात महामारी के मुकाबले की अग्रिम पंक्ति में संघर्ष कर रहे चिकित्सकों का अभिवादन किया और लोगों को विश्वास मजबूत कर महामारी पर विजय पाने की प्रेरणा दी। इसके बाद चिनफिंग ने वुहान के तुंगहुशिनछंग कॉलोनी जाकर वहां अपने घरों में अलग रह रहे लोगों को देखा और कॉलोनी में महामारी की रोकथाम और लोगों के हालात जायजा लिया।

अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजों की वापसी हुई शुरू

तालिबान के साथ हुए शांति समझौते के प्रावधान के तहत अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू हो गई है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान में 19 साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तालिबान के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू हो गई है।

अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल सोनी लेगेट ने एक बयान में कहा, "135 दिनों के अंदर अमेरिकी फौजियों की संख्या 13 हजार से घटाकर 8600 करने के समझौते के अनुपालन में अमेरिकी सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है।" अगर तालिबान द्वारा समझौते की शर्तो का पालन होता है तो सभी अमेरिकी फौजी 14 महीने के अंदर अफगानिस्तान से वापस स्वदेश चले जाएंगे।

अफगानी राष्ट्रपति का ऐलान, रिहा होंगे तालिबान कैदी

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा है कि तालिबान कैदियों की रिहाई के लिए कार्ययोजना पर सहमति बन गई है और इन्हें रिहा किया जाएगा। अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में हुए शांति समझौते में यह प्रावधान है कि तालिबान अपने कब्जे से एक हजार कैदी रिहा करेंगे जबकि अफगान सरकार पांच हजार तालिबानी कैदियों को रिहा करेगी। गनी ने कहा था कि वह तालिबान कैदियों को रिहा करने पर कोई वादा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा था कि अमेरिका नहीं बल्कि अफगानिस्तान के लोग तय करेंगे कि किसे रिहा करना है और किसे नहीं।

जवाब में तालिबान ने कहा था कि वह अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए अंतर अफगान वार्ता में कैदियों की रिहाई होने तक हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही, उन्होंने अफगान सुरक्षा बलों पर हमले शुरू कर दिए जिससे शांति समझौते पर संकट के बादल घिर गए। इसके बाद सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अशरफ गनी ने ऐलान किया कि तालिबानी कैदी रिहा होंगे। तालिबान के साथ कैदियों की रिहाई के तौर-तरीके पर सहमति बन गई है और इस हवाले से राष्ट्रपति कार्यालय से आदेश जारी कर दिया जाएगा। गनी के इस बयान पर अमेरिका ने भी राहत की सांस ली है और इसका स्वागत किया है

ईरान में फंसे 58 भारतीयों को वापस लाया गया

ईरान में कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच राजधानी तेहरान से 58 भारतीयों को सुरक्षित देश वापस लाया गया है। ईरान में फंसे भारतीयों का पहला जत्था मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरा। ये सभी लोग धार्मिक यात्रा पर ईरान गए थे। फिलहाल इन सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग के बाद इन्हें निगरानी में रखा जाएगा और पूरी तरह से जांच के बाद ही इन्हें छोड़ा जाएगा। बता दें कि ईरान में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ गया है। कोरोना वायरस से पूरे ईरान में दहशत का माहौल है।

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