दुनिया की 5 बड़ी खबरें: जानें चीन पर क्यों दबाव बनाने में लगा है अमेरिका और लेबनान में हुए विस्फोट का ताजा हाल

अमेरिका लगातार चीन पर दबाव बनाने में लगा हुआ है। कोविड-19 महामारी सामने आने से पहले भी अमेरिकी प्रशासन ने चीन को परेशान करने की कोशिश की। बेरूत शहर में हुए भीषण बम धमाकों में मृतकों की संख्या 100 हो गई है और लगभग 4,000 लोग घायल हुए हैं।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

चीन पर क्यों दबाव बनाने में लगा है अमेरिका

अमेरिका लगातार चीन पर दबाव बनाने में लगा हुआ है। कोविड-19 महामारी सामने आने से पहले भी अमेरिकी प्रशासन ने चीन को परेशान करने की कोशिश की। जिसके तहत चीन के खिलाफ एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाना शामिल था। जब दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद की जा रही थी कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैल गया। चीन ने शुरूआत में इस वायरस के संकट को झेला और व्यवस्थित तरीके से इससे निपटने का काम किया। स्थिति सामान्य होने के बाद भी चीन पूरी सतर्कता बरत रहा है।वायरस का प्रसार जैसे-जैसे अमेरिका में बढ़ा, वैसे-वैसे अमेरिका ने चीन को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। यह हम सभी जानते हैं कि चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। चीन में तैयार होने वाले उत्पाद विश्व के कोने-कोने में पहुंचते हैं। ऐसा लगता है कि अमेरिका चीन की बढ़ती आर्थिक ताकत से घबराने लगा है। बात 5-जी तकनीक की हो, या फिर तमाम तरह के उत्पाद व उपकरण बनाने की। चीन कई क्षेत्रों में अमेरिका जैसे विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

बेरूत में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या 100 हुई, 4 हजार घायल

बेरूत शहर में हुए भीषण बम धमाकों में मृतकों की संख्या 100 हो गई है और लगभग 4,000 लोग घायल हुए हैं। बुधवार को लेबनॉन की रेड क्रॉस ने यह जानकारी दी।शिन्हुआ ने बताया कि यह विस्फोट मंगलवार शाम (लगभग 6.10 बजे स्थानीय समय) को हुए। ये धमाके इतने शक्तिशाली थे कि पूरे शहर की इमारतें थर्रा गईं, जिसके कारण इंसानी जीवन और संपत्ति को इतना बड़ा नुकसान हुआ।राष्ट्रपति मिशेल एउन ने बताया उर्वरकों और बमों में इस्तेमाल किए गए 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट को बिना सुरक्षा उपायों के बंदरगाह पर छह साल तक संग्रहित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह "अस्वीकार्य" था।अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि विस्फोट के पीछे क्या कारण था। हालांकि एक सुरक्षा सूत्र और मीडिया ने कहा कि यह गोदाम में एक छेद पर वेल्डिंग किए जाने के कारण हुआ।

श्रीलंका में संसदीय चुनाव के लिए दोपहर तक 40 प्रतिशत मतदान

श्रीलंका के संसदीय चुनाव के लिए बुधवार दोपहर तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ।समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि कई जिलों में 40 प्रतिशत से थोड़ा अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसमें सबसे ज्यादा 48 प्रतिशत मतदान नुवेरा एलिया में दर्ज किया गया, और उसके बाद 46 प्रतिशत मतदान माताले में दर्ज किया गया।राजधानी कोलंबो में दोपहर तक 34 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।अधिकारी ने कहा कि संसदीय चुनाव के लिए मतदान शाम पांच बजे समाप्त होगा।निर्वाचन आयोग ने कहा कि बुधवार के मतदान के लिए लगभग 1.62 करोड़ लोग मतदान के पात्र हैं। इस चुनाव के जरिए 225 सदस्यीय एक नई संसद चुनी जाएगी।

ब्राजील में कोविड-19 से 95 हजार से अधिक लोगों की मौत

ब्राजील में कोविड -19 महामारी के कारण 24 घंटे में 1,154 रोगियों की मौत के साथ कुल मौतों का आंकड़ा 95,000 से अधिक हो गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक संक्रमण से हुई मौतों का आंकड़ा 95,819 तक पहुंच गया है, वहीं पिछले 24 घंटों में 51,603 नए संक्रमणों के साथ देश में संक्रमित लोगों की संख्या 2,801,921 हो गई।देश के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,970,767 लोग इस संक्रमण से उबर गए हैं।

चीनी एंटी-महामारी चिकित्सा विशेषज्ञ दल अजरबैजान पहुंचा

चीन का एंटी-महामारी चिकित्सा विशेषज्ञ दल अजरबैजान पहुंच गया जो वहां महामारी की रोकथाम के लिए सहायता देंगे। यह दल सिचुआन विश्वविद्यालय के ह्वाशी अस्पताल में महामारी विज्ञान, श्वसन और क्रिटिकल केयर मेडिसिन के दस डॉक्टरों से गठित है। दल के साथ चीन द्वारा प्रदान की गयी चिकित्सा सुरक्षा सामग्री भी लायी गई।हवाई अड्डे पर चीनी राजदूत क्वो मीन ने कहा कि महामारी की रोकथाम के लिए चीन और अजरबैजान एक दूसरे का समर्थन करते हैं। चीनी एंटी-महामारी चिकित्सा विशेषज्ञ दल के आने से दोनों देशों के बीच चिकित्सा सहयोग बढ़ेगा। चीनी विशेषज्ञ दल अजरबैजान में 15 दिनों तक काम करेगा।

आईएएएस के इनपुट के साथ

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