दुनिया की 5 बड़ी खबरें: चीनी वैक्सीन के प्रति बदल रहा पश्चिमी देशों का रुख और फोन ऐप्स गुप्त रूप से सुनते हैं बातें?

बीते एक हफ्ते में चीनी वैक्सीन के प्रति कुछ पश्चिमी देशों और मीडिया ने रुख बदला है। आम जीवन में यह सिद्धांत बहुत लोकप्रिय है कि मोबाइल फोन हमारी बातचीत को गुप्त रूप से सुनते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है।

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नवजीवन डेस्क

चीनी वैक्सीन के प्रति कैसे बदला पश्चिमी देशों का रुख

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बीते एक हफ्ते में चीनी वैक्सीन के प्रति कुछ पश्चिमी देशों और मीडिया ने रुख बदला है। जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पाहन ने कहा कि यूरोपीय संघ की अनुमति पाने के बाद जर्मनी चीन और रूस की वैक्सीनों का इस्तेमाल करेगा। फ्रांसीसी प्रतिरक्षा विज्ञानी एलेन फिशर ने कहा कि यूरोपीय संघ के पास रूस या चीन द्वारा विकसित वैक्सीन का प्रयोग न करने का कोई कारण नहीं है।

जबकि एक हफ्ते पहले पश्चिमी मीडिया की रिपोर्ट में पूरी दुनिया में मानों केवल अमेरिका की फाइजर फार्मास्यूटिकल्स कंपनी द्वारा विकसित वैक्सीन और ब्रिटिश एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन ही सुरक्षित हों। पश्चिमी मीडिया ने जानबूझकर चीनी वैक्सीन को बदनाम करने की कोशिश की थी।

क्या हमारे फोन ऐप्स गुप्त रूप से बातें सुनते हैं?

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आम जीवन में यह सिद्धांत बहुत लोकप्रिय है कि मोबाइल फोन हमारी बातचीत को गुप्त रूप से सुनते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। स्मार्टफोन द्वारा निगरानी किए जाने के बारे में व्यक्तिगत अनुभव साझा करने वाले पोस्ट अक्सर मीडिया में देखे जाते हैं फिर चाहे वह चीनी मीडिया हो या पश्चिमी मीडिया। चीन ने पिछले साल अक्टूबर में देश के पहले व्यक्तिगत सूचना संरक्षण कानून के एक मसौदे का खुलासा किया, जिसने लोगों में गोपनीयता संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की।

श्याओ उपनाम के एक इंटरनेट यूजर उनमें से एक हैं जो आश्वस्त हैं कि उनकी निजी बातचीत उनके फोन द्वारा रिकॉर्ड की गई है। श्याओ को इसकी आशंका तब हुई जब एक बार उनके दोस्त के माता-पिता ने उनसे विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बारे में फोन पर बातचीत की। बातचीत खत्म होने के मात्र दो घंटे बाद ही श्याओ के फोन पर अलीबाबा के एक ऐप पर विश्वविद्यालयों की कक्षाओं के विज्ञापन आने लगे। यह देखकर श्याओ को काफी हैरानगी हुई। बहुत याद करने पर श्याओ को समझ में आया कि यह सब फोन पर हुई बातचीत का नतीजा है।


2022 शीतकालीन ओलंपिक समिति की बैठक उद्घाटित हुई

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पेइचिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक प्रतिनिधिमंडल की बैठक 1 फरवरी को वीडियो के रूप में उद्घाटित हुई। पेइचिंग के पार्टी सचिव यानी शीतकालीन ओलंपिक आयोजन समिति के अध्यक्ष साईछी और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक ने वीडियो के जरिए उद्घाटित समारोह में भाषण दिया। साईछी ने कहा कि चीन सरकार पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक के लिए तैयारी कार्य पर ध्यान केंद्रित रखती है। कुछ समय पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक के तीन प्रतियोगिता क्षेत्रों का निरीक्षण किया, विशेष बैठक आयोजित की और तैयारी कार्य संबंधी रिपोर्ट सुनी। उन्होंने शीतकालीन ओलंपिक के लिए तीन आवश्यकताओं को सामने रखा, जो सरल, सुरक्षित और अद्भुत हैं। वर्तमान में शी चिनफिंग ने थॉमस बाक से फोन किया और शीतकालीन ओलंपिक के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।

अमेरिका में कोरोना वेरिएंट के 470 से अधिक मामले

कम से कम 32 अमेरिकी राज्यों में नए कोरोनवायरस वेरिएंट के 470 से अधिक मामलों की पुष्टि की हुई है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के नवीनतम आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि सोमवार को जारी किए गए सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, इन मामलों में से अधिकांश 467, बी.1.1.7 के रूप में पहचाने जाने वाले वेरिएंट के हैं, जो मूल रूप से ब्रिटेन में पिछले साल के अंत में पाया गया था।

दक्षिण अफ्रीका में पाए गए स्ट्रेन बी.1.351 के तीन मामले हैं, ब्राजील में पाए गए स्ट्रेन पी.1 का एक मामला है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मंगलवार की नवीनतम अपडेट के अनुसार, महामारी ने अब तक अमेरिका भर में कुल 26,307,963 लोगों को संक्रमित किया है और 443,186 लोगों ने जान गंवाई है।


पाक सुप्रीम कोर्ट ने पर्ल की हत्या के आरोपी को सरकारी विश्राम गृह भेजने का आदेश दिया

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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहमद उमर सईद शेख की तत्काल रिहाई का आदेश दिया, जो 2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त है। अदालत ने शेख को मृत्यु कोठरी (डेथ सेल) से बाहर निकालकर सरकारी विश्राम गृह में स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को शीर्ष अदालत की तीन जजों की पीठ ने सिंध हाईकोर्ट (एसएचसी) के खिलाफ सिंध सरकार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। सिंध सरकार ने सिंध हाईकोर्ट के 24 दिसंबर, 2020 को सुनाए गए फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें शेख को रिहा करने का आदेश सुनाया गया था।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि शेख को जेल में एक बेहतर स्थान पर दो दिनों के लिए एक खुले कमरे में रखा जाए, और उसके बाद उसे विश्राम गृह में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जहां उसे सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

हालांकि ब्रिटिश मूल के शेख को स्मार्टफोन या इंटरनेट का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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