अगले 10 दिनों में ईरान पर हो सकता है बड़ा हमला! बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में ट्रंप ने दिया संकेत

ट्रंप ने कहा कि शायद हम एक डील करने जा रहे हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि आपको अगले, शायद 10 दिनों में पता चल जाएगा। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। अगर उनके पास न्यूक्लियर वेपन है, तो आप मिडिल ईस्ट में शांति नहीं ला सकते।

अगले 10 दिनों में ईरान पर हो सकता है बड़ा हमला! बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में ट्रंप ने दिया संकेत
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नवजीवन डेस्क

वाशिंगटन में तयशुदा तारीख पर बोर्ड ऑफ पीस की बैठक शुरू हो गई है। जहां ईरान को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारों-इशारों में बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में इशारों-इशारों में संकेत दिया कि वह अगले 10 दिनों में ईरान के खिलाफ संभावित स्ट्राइक पर फैसला लेंगे।

बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में अपनी बात रखते हुए जून में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट्स पर अमेरिका के स्ट्राइक को याद करते हुए, ट्रंप ने कहा, “अब, हमें इसे एक कदम आगे ले जाना पड़ सकता है या शायद नहीं। शायद हम एक डील करने जा रहे हैं।” ट्रंप ने आगे कहा, “आपको अगले, शायद 10 दिनों में पता चल जाएगा।” ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। अगर उनके पास न्यूक्लियर वेपन है, तो आप मिडिल ईस्ट में शांति नहीं ला सकते।


ईरान पर, डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिक के साथ स्टीव विटकॉफ के डिप्लोमैटिक प्रयासों की तारीफ की। ट्रंप ने कहा, "ईरान अभी एक हॉट स्पॉट है," उन्होंने कहा कि विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोनों के ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। ट्रंप ने कहा, "बातचीत सही दिशा में जा रही है। पिछले कुछ साल में यह साबित हुआ है कि ईरान के साथ डील करना आसान नहीं है। हमें एक अच्छी डील करनी होगी।"

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। इसमें हमास से लेकर बोर्ड ऑफ पीस के महत्व को लेकर भी अपनी राय जाहिर की। ट्रंप ने वॉशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में अपनी बात यह कहकर शुरू की कि दुनिया के नेताओं का यह पैनल अब तक का सबसे “अहम” पैनल है। उन्होंने कहा कि कुछ देश अभी तक शामिल न होकर “प्यारा बर्ताव” कर रहे हैं, जिनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें वह इस बॉडी में शामिल भी नहीं करना चाहते, हालांकि उन्होंने उन्हें बुलाया था।


दरअसल, ज्यादातर यूरोपीय देशों ने इस चिंता के कारण इसमें शामिल होने से मना कर दिया है कि यह बॉडी यूएन पर कब्जा कर सकती है, जबकि ट्रंप को आखिरी पावर और जिंदगी भर के लिए पैनल की अध्यक्षता करने की काबिलियत मिल सकती है। ट्रंप ने इसी ओर इशारा किया। बता दें कि बोर्ड ऑफ पीस का फिलीस्तीन को लेकर बनाया गया है।