डील की चर्चा के बीच अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, क्रिप्टो एक्सचेंजों और उनसे जुड़े लोगों पर लगाया प्रतिबंध

प्रतिबंधित किए गए चारों व्यक्ति ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'नोबिटेक्स' से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, वित्तीय और क्रिप्टो सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली तीन कंपनियां बिटपिन, रामजिनेक्स और वैलेक्स भी इन प्रतिबंधों के दायरे में लाई गई हैं।

डील की चर्चा के बीच अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, क्रिप्टो एक्सचेंजों और उनसे जुड़े लोगों पर लगाया प्रतिबंध
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नवजीवन डेस्क

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अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज समेत कई कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दावा किया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच पूर्ण रूप से युद्ध खत्म करने पर बातचीत अंतिम चरण में है और कभी भी समझौते का ऐलान हो सकता है।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंधों का एक नया दौर लागू किया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने मंगलवार को घोषणा की कि ईरान से जुड़े चार व्यक्तियों और चार संस्थाओं को अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रतिबंधित किए गए चारों व्यक्ति ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'नोबिटेक्स' से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, वित्तीय और क्रिप्टो सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली तीन अन्य कंपनियां बिटपिन, रामजिनेक्स और वैलेक्स भी इन प्रतिबंधों के दायरे में लाई गई हैं।


वित्त मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ पहले से लगाए जाते रहे आरोपों को दोहराते हुए कहा कि ओएफएसी ने 'नोबिटेक्स' और तीन अन्य डिजिटल एसेट एक्सचेंजों पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान का हिस्सा बताया गया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान से कथित खतरे का मुकाबला करने की कोशिशों के तहत बताया गया है।

ये नए प्रतिबंध ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ किसी समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान के खिलाफ इजरायल के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई के जरिए अपने उद्देश्यों को हासिल करने में असफल रहने के बाद यह कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले सप्ताह तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक शुरुआती समझ बनी थी। इसके तहत होर्मुज स्‍ट्रेट को पूरी तरह फिर से खोलने के बदले अमेरिका की ओर से ईरान पर समुद्री दबाव को धीरे-धीरे कम करने की बात शामिल थी। इसके बाद दोनों देशों में वार्ता व‍िफल होने की अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इस बात की कोई खास चिंता नहीं है कि ईरान अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रोक सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत खत्म हो गई है, तो ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बातचीत खत्म हुई या नहीं। मुझे बिल्कुल परवाह नहीं है।”

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