दुनिया की खबरें: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चीन पर खाद और अनाज की जमाखोरी का आरोप और डराने लगा हंटा वायरस

डेविड मालपास ने कहा क‍ि चीन को अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक खाद्य और उर्वरक संकट को कम करने के लिए खाने-पीने की चीजों और खाद की जमाखोरी बंद करनी चाहिए।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा क‍ि चीन को अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए वैश्विक खाद्य और उर्वरक संकट को कम करने के लिए खाने-पीने की चीजों और खाद की जमाखोरी बंद करनी चाहिए। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डेविड मालपास ने कहा, “चीन के पास दुनिया में खाने-पीने की चीजों और उर्वरकों का सबसे बड़ा भंडार है। उन्हें अपने स्टॉक को बढ़ाना बंद करना चाहिए।”

मालपास 2017 से 2019 तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कार्यकाल में ट्रेजरी अंडर सेक्रेटरी फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स भी रह चुके हैं।

रिपोर्ट में जिक्र है कि कई देश वसंत की बुवाई से पहले खाद की सप्लाई सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी बीच चीन ने मार्च से कई तरह के उर्वरकों के निर्यात पर रोक लगा दी है। चीन का कहना है कि यह कदम घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

रिपोर्ट में उद्योग जगत की चेतावनी का भी जिक्र किया गया, जिसमें कहा गया कि सप्लाई रुकने की वजह से दुनिया भर में हर हफ्ते करीब दस अरब भोजन कम पड़ सकते हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब देशों पर होगा।

यारा कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव, स्वेन टोरे होलसेथर, ने बीबीसी से कहा कि खाद की कमी की वजह से फसलों की पैदावार घट सकती है, जिससे खाने की चीजों के लिए देशों के बीच होड़ मच सकती है।

साल 2025 में चीन दुनिया के कुल उर्वरक उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा था, और उसके उर्वरक निर्यात की कुल कीमत 13 अरब डॉलर से ज्यादा थी। चीन 2021 से ही खाद के निर्यात पर कुछ पाबंदियां लगा रहा है।

मालपास ने यह भी कहा कि चीन का खुद को विकासशील देश बताना सही नहीं लगता, क्योंकि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

स्पेन में क्रूज जहाज के यात्री में हंटा वायरस का नया मामला, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 11 हुई

हंटा वायरस की वजह से सुर्खियों में आए क्रूज जहाज से निकाले गए स्पेन के एक यात्री के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह घोषणा की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, अब तक 11 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें क्रूज़ के तीन ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी मौत हो गई।

हंटा वायरस से संक्रमित यह यात्री मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में 13 अन्य स्पेनिश नागरिकों के साथ पृथकवास में था। इन सभी 13 लोगों की वायरस जांच रिपोर्ट 'निगेटिव' आई ।

सभी यात्रियों और चालक दल के कई सदस्यों को सुरक्षित उतार लिये जाने के बाद, एमवी होंडियस जहाज अब नीदरलैंड वापस लौट रहा है, जहां इसकी सफाई की जाएगी।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने मैड्रिड में कहा कि तीन मृत लोगों समेत 11 पुष्ट मामलों में से सभी 'एमवी होंडियस क्रूज' जहाज के यात्री या चालक दल के सदस्य हैं। कुल 11 मामलों में से नौ की पुष्टि 'एंडीज वायरस' के रूप में हुई है।

इस बीच, नीदरलैंड के एक अस्पताल में हंटा वायरस के एक मरीज का इलाज चल रहा है। इसी अस्पताल में 12 कर्मचारियों को पृथकवास में रहने के लिए कहा गया है।

प्रभावित जहाज से निकाली गई एक फ्रांसीसी महिला पेरिस के एक अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई में है।


थाईलैंड में भारतीय पर्यटक की मौत: दूतावास

थाईलैंड के फुकेत में एक कैफे में रहस्यमय तरीके से बेहोश होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए चार पर्यटकों में से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भारतीय नागरिक की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है।

दूतावास ने कहा कि वह थाई अधिकारियों के संपर्क में है और नौ मई को फुकेत में हुई उस घटना पर कड़ी नजर रख रहा है, जिसमें चार भारतीय पर्यटक बेहोश हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इनमें से एक युवा भारतीय पर्यटक की मृत्यु पर हम संवेदना व्यक्त करते हैं। दूतावास के अधिकारी मृतक के परिवार के संपर्क में हैं और इस दुख की घड़ी में उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘हम थाईलैंड के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं जो इस घटना की जांच कर रहे हैं और अन्य लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति पर भी नजर रख रहे हैं।" दूतावास ने घटना के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।

पाकिस्तान ने हवाई अड्डे पर ईरानी विमानों को जगह दिये जाने की खबर को 'भ्रामक' बताया

पाकिस्तान ने अमेरिकी मीडिया की उस खबर को ‘‘भ्रामक’’ बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि इस्लामाबाद ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने हवाई अड्डों में जगह दी थी।

विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि देश में वर्तमान में मौजूद ईरानी विमान युद्धविराम अवधि के दौरान उस समय आया था जब अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का पहला दौर जारी था और उनका किसी भी सैन्य आपात स्थिति या किसी सुरक्षा-संबंधी व्यवस्था से “कोई संबंध नहीं” है।

‘सीबीएस न्यूज’ ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक खबर में कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने हवाई अड्डों में जगह दी थी।

‘सीबीएस न्यूज’ ने खबर में दावा किया कि अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के कुछ दिनों बाद तेहरान ने कई विमान रावलपिंडी के निकट स्थित नूर खान एयरबेस पर भेज दिये थे।

खबर में दावा किया गया है, ‘‘इनमें ईरानी वायु सेना का आरसी-130 भी शामिल था, जो लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस सामरिक परिवहन विमान का एक टोही और खुफिया जानकारी जुटाने वाला संस्करण है।’’

अपने बयान में विदेश कार्यालय ने ‘सीबीएस न्यूज’ की खबर को ‘‘भ्रामक और सनसनीखेज’’ बताते हुए स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।

इसमें कहा गया है, ‘‘इस तरह की बातें क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए जारी प्रयासों को कमजोर करने के उद्देश्य से कही जा रही हैं।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘युद्धविराम के बाद और इस्लामाबाद वार्ता के पहले दौर के दौरान, वार्ता प्रक्रिया से जुड़े राजनयिक कर्मियों, सुरक्षा टीमों और प्रशासनिक कर्मचारियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए ईरान और अमेरिका से कई विमान पाकिस्तान पहुंचे थे।’’


ईरान युद्ध को लेकर हेगसेथ को सांसदों के सवालों का सामना करना पड़ेगा

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को मंगलवार को ईरान युद्ध और अन्य मुद्दों को लेकर सांसदों के सवालों का सामना करना पड़ेगा। इन सांसदों में कुछ रिपब्लिकन सांसद भी शामिल हैं जिन्होंने संघर्ष लंबा खींचने और अमेरिकी संसद की मंजूरी न होने पर चिंता जताई है।

रक्षा खर्च की निगरानी करने वाली संसद की उपसमितियां ट्रंप प्रशासन के 2027 के सैन्य बजट प्रस्ताव की समीक्षा के लिए लगातार सुनवाई कर रही हैं, जिसमें डेढ़ लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक आवंटन का आह्वान किया गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के आर्थिक झटकों का दबाव बढ़ता जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन गलियारा है जहां से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। इसके जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है।

ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ युद्धविराम ‘‘बेहद कमजोर और नाजुक’’ स्थिति में है। ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध पर उसके शांति प्रस्ताव को एक दिन पहले ‘‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’’ बताते हुए खारिज कर दिया था।