ईरान में बिगड़े हालात के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है और हालात को बेहद गंभीर बताया है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को अस्थिर कर दिया है। सड़कों पर गुस्सा है, सुरक्षा बल सख्ती पर उतरे हैं और हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा चेतावनी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को साफ निर्देश देते हुए कहा है कि सभी अमेरिकी नागरिक तुरंत ईरान छोड़ दें। इस कदम को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की अब तक की सबसे गंभीर चेतावनियों में से एक माना जा रहा है।

प्रदर्शनों में सैकड़ों मौतें, हजारों गिरफ्तार

ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन अब 14वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। हालात को काबू में रखने के लिए ईरानी सरकार ने देशभर में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया है, जिससे आम लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो गया है।


अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तारी और प्रताड़ना का खतरा

अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों, खासकर दोहरी नागरिकता (U.S.-Iranian) रखने वालों को गंभीर खतरा है। ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता, ऐसे में इन लोगों को पूरी तरह ईरानी नागरिक मानकर वहां के सख्त कानून लागू किए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से किसी भी तरह का संबंध होना मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का कारण बन सकता है।

अमेरिकी दूतावास नहीं, मदद मिलना मुश्किल

ईरान में अमेरिका का कोई दूतावास नहीं है, जिससे संकट में फंसे अमेरिकी नागरिकों को राजनयिक मदद मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे स्थिति बिगड़ने का इंतजार न करें और जल्द से जल्द देश छोड़ने की कोशिश करें।


अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

अमेरिकी प्रशासन ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों से कहा है कि वे प्रदर्शनों से दूर रहें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में न जाएं और अपने पास खाने-पीने का पर्याप्त स्टॉक रखें। साथ ही, किसी सुरक्षित स्थान पर रहने और हालात बिगड़ने पर तुरंत निकलने की तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

उड़ानें रद्द, सड़क मार्ग से निकलने की सलाह

हालात की गंभीरता को देखते हुए कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने अपनी सेवाएं सीमित या रद्द कर दी हैं। लुफ्थांसा, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस और कतर एयरवेज जैसी बड़ी कंपनियों ने 16 जनवरी तक उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसके चलते तेहरान का इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग अलग-थलग पड़ गया है।

अमेरिका ने कहा है कि अगर हवाई यात्रा संभव न हो, तो नागरिक आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते सड़क मार्ग से ईरान छोड़ने की कोशिश करें।


इंटरनेट ब्लैकआउट पर मानवाधिकार संगठनों की चिंता

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईरान में लगाए गए इंटरनेट ब्लैकआउट को लेकर चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, यह कदम मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश हो सकता है। इंटरनेट बंद होने से न सिर्फ प्रदर्शनकारियों की आवाज दब रही है, बल्कि सही जानकारी का बाहर आना भी मुश्किल हो गया है।

ट्रंप का सख्त संदेश, सैन्य विकल्प से इनकार नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान ने अमेरिका की तय की गई ‘रेड लाइन’ पार की, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। हालांकि, अभी किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप के बयान यह साफ करते हैं कि वॉशिंगटन हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।


तनाव के बीच बढ़ती वैश्विक चिंता

ईरान की मौजूदा स्थिति ने सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। एक ओर आंतरिक अस्थिरता है, तो दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भविष्य के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। फिलहाल, दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में तेहरान और वॉशिंगटन कौन सा अगला कदम उठाते हैं।

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