ऑस्ट्रेलिया के पीएम की जनता को चेतावनी- जंग के कारण आने वाले महीने आसान नहीं, फ्यूल बचाएं
पीएम ने कहा कि हालात को ध्यान में रखकर फ्यूल एक्साइज आधा कर दिया गया है और अगले तीन महीने के लिए हेवी रोड यूजर चार्ज जीरो कर दिया गया है। पीएम ने कहा कि हम मजबूत ट्रेडिंग रिश्तों का इस्तेमाल कर ज्यादा पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर लाने के लिए काम कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने राष्ट्र के नाम संबोधन में जनता से खास अपील करते हुए चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट के वर्तमान हालात की वजह से तेल संकट गहराएगा और आने वाले महीने आसान नहीं रहने वाले हैं। उन्होंने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि इस संकट में घबराएं नहीं ईंधन बचाएं।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा, "आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते। मैं इस बारे में साफ-साफ कहना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध से पैदा हो रहे दबाव को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती।" उन्होंने कहा कि वह देश से सीधे बात करना चाहते हैं कि सरकार "इस मुश्किल समय में ऑस्ट्रेलिया को बचाने के लिए" क्या कर रही है, और वे (जनता) देश की मदद के लिए क्या कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने आगे कहा, "पक्ष-विपक्ष सभी ऑस्ट्रेलिया को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ताकि अगर दुनिया भर में हालात और खराब होते हैं और लंबे समय में हमारी फ्यूल सप्लाई में बहुत ज्यादा रुकावट आती है, तो हम अगले कदम मिलकर तय कर सकें।" अल्बनीज ने जनता को बताया कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखकर फ्यूल एक्साइज आधा कर दिया गया है और अगले तीन महीनों के लिए हेवी रोड यूजर चार्ज जीरो कर दिया गया है।
पीएम ने भरोसा दिलाते हुए कहा, "हम फ्यूल की कीमत कम करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही यहां अधिक ईंधन लाने और अपने मजबूत ट्रेडिंग रिश्तों का इस्तेमाल कर ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर लाने के लिए काम कर रहे हैं।" अल्बनीज ने आगे कहा, "मैं वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।"
उन्होंने 3 मिनट 17 सेकंड के संबोधन में ऑस्ट्रेलियाई लोगों से अपील की कि वे घबराकर फ्यूल न खरीदें और जहां तक हो सके, कार की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा, "अगर आप सड़क पर निकल रहे हैं, तो जरूरत से ज्यादा फ्यूल न लें- बस वैसे ही भरवाएं जैसे आप आम तौर पर भरवाते हैं। अपने समुदाय, दूरदराज के इलाके में रहने वाले लोग और जरूरी इंडस्ट्रीज से वास्ता रखने वालों के बारे में सोचें।"