ब्रिटेनः पूर्व पीएम जॉन्सन ने संसद को किया था गुमराह, पार्टीगेट के आरोपों को किया स्वीकार, नीयत को बताया सही

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर कोविड-19 महामारी में लॉकडाउन के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट में दोस्तों, कर्मचारियों के लिए पार्टी आयोजित कर नियम तोड़ने और उस संबंध में अपने बयानों से संसद को गुमराह करने के आरोप लगे हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को संसद को गुमराह करने का आरोप स्वीकार कर लिया है। 'पार्टीगेट' कांड की जांच कर रही पार्लियामेंट्री कमेटी को लिखित सौंपे जवाब में उन्होंने कहा कि ये उनसे अनजाने में हुआ। उनकी नीयत गलत नहीं थी। पार्टीगेट मामले में जांच कर रही समिति आज इस जॉनसन से पूछताछ करेगी।

पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर कोविड-19 महामारी में लॉकडाउन के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी आयोजित कर नियम तोड़ने और उस संबंध में अपने बयानों से संसद को गुमराह करने के आरोप लगे थे। जांच कमेटी को सौंपे 52 पन्नों के लिखित डोजियर में जॉनसन ने मंगलवार को कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि हाउस ऑफ कॉमन्स मेरे बयानों से गुमराह हुआ था कि मैंने नियमों का पूरी तरह से पालन किया था।


पार्टीगेट स्कैंडल पर संसदीय समति की पूछताछ से एक दिन पहले प्रकाशित लिखित साक्ष्य में उन्होंने बताया कि उन्होंने दो साल के कोविड लॉकडाउन में नियमों को तोड़ने के आरोपों से इनकार क्यों किया, जिसमें उन पर और उनके कर्मचारियों पर अक्सर 10 डाउनिंग स्ट्रीट में पार्टी करने के आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि जब बयान दिए गए थे, तो वे गुड फेथ में दिए गए थे और उस समय जो मैं ईमानदारी से जानता था उसे कहा।

डाउनिंग स्ट्रीट में 2020 में हुई शराब पार्टियों के खुलासे जब पहली बार 2021 में सामने आए थे, तो जॉनसन ने शुरू में कहा था कि कोई नियम नहीं तोड़ा गया। बाद में उन्होंने माफी मांगी और कहा कि गलतफहमी हुई थी। जॉनसन के दावों की फिलहाल विशेषाधिकारों की क्रॉस-पार्टी समिति द्वारा जांच की जा रही है। बुधवार को उनसे पूछताछ की जाएगी और दोषी साबित होने पर हाउस ऑफ कॉमन्स से उनको निलंबित भी किया जा सकता है।


गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन को पिछले साल जुलाई में कई घोटालों को लेकर इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इनमें पार्टीगेट और यौन दुराचार के आरोपी क्रिस पिंचर की नियुक्ति शामिल थी। जॉनसन के इस्तीफे के बाद लिज ट्रस बहुत छोटी अवधि के लिए ब्रिटेन की पीएम बनी थीं। उनके बाद भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री चुने गए हैं।

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