'रूस को युद्ध में चुपचाप मदद कर रहा चीन', अमेरिका ने दी चेतावनी

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने म्यूनिख में अपने भाषण के दौरान रूस के लिए चीन के समर्थन का भी जिक्र किया। हैरिस ने शनिवार को कहा, हम इस बात से भी परेशान हैं कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही बीजिंग ने मास्को के साथ अपने संबंध गहरे किए हैं।

फाइल फोटो
फाइल फोटो
user

नवजीवन डेस्क

अमेरिका ने रूस को चीन से मिल रहे समर्थन पर चिंता जताई है। उसका मानना है कि बीजिंग चोरी छुपे रूस को सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है। सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी इस बात से काफी चिंतित हैं कि उन्होंने पिछले कई दिनों में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में सहयोगियों और भागीदारों के साथ चीन को लेकर खुफिया जानकारी साझा की है।

अधिकारियों ने कहा कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने शनिवार को सम्मेलन से इतर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, रूस को समर्थन प्रदान करने या व्यवस्थित प्रतिबंधों से बचने में रूस की सहायता करने के प्रभाव और परिणामों के बारे में चेतावनी देने में मंत्री ब्लिंकेन काफी स्पष्ट थे।


उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने म्यूनिख में अपने भाषण के दौरान रूस के लिए चीन के समर्थन का भी जिक्र किया। हैरिस ने शनिवार को कहा, हम इस बात से भी परेशान हैं कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही बीजिंग ने मास्को के साथ अपने संबंध गहरे किए हैं। आगे देखते हुए, चीन द्वारा रूस को समर्थन प्रदान करने के लिए कोई भी कदम केवल आक्रामकता को बढ़ाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि, "अमेरिका देख रहा है कि चीन सार्वजनिक रूप से खुद को शांति के प्रस्तावक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। वांग ने शनिवार को म्यूनिख में कहा कि बीजिंग यूक्रेन और रूस के लिए एक शांति योजना पेश करेगा और यूरोप के साथ संबंध बनाए रखेगा, जबकि उसी समय सीएनएन ने बताया कि वह चुपचाप रूस के युद्ध प्रयासों में सहायता कर रहा है।"

वांग ने सम्मेलन में कहा, यह युद्ध जारी नहीं रह सकता। हमें यह सोचने की जरूरत है कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए हम क्या प्रयास कर सकते हैं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


;