रूस के लुभावने ऑफर के बावजूद अमेरिकी क्रूड में एशिया की दिलचस्पी बरकरार, लेकिन भारत ने घटाया आयात

एसएंडपी के मुताबिक रूस के लुभावने ऑफर के बावजूद एशियाई देशों की दिलचस्पी अमेरिकी क्रूड में बनी हुई है। हालांकि, भारत ने अमेरिकी क्रूड के आयात में कटौती की है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

एसएंडपी के मुताबिक रूस के लुभावने ऑफर के बावजूद एशियाई देशों की दिलचस्पी अमेरिकी क्रूड में बनी हुई है। हालांकि, भारत ने अमेरिकी क्रूड के आयात में कटौती की है। एसएंडपी का कहना है कि इस साल की पहली तिमाही में एशियाई देशों में अमेरिकी क्रूड का आयात बढ़ा है।

अमेरिका के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में अमेरिकी क्रूड का निर्यात वार्षिक आधार पर 5,44,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 33 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है।

अमेरिकी क्रूड के कुल निर्यात में से 46 प्रतिशत हिस्सा एशियाई देशों का है। एशिया में अमेरिकी क्रूड का निर्यात 90 हजार बैरल प्रतिदिन से बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है।

साल के पहले दो माह के दौरान भारत अमेरिकी क्रूड का सबसे बड़ा आयातक था। उस दौरान भारत का आयात 4,76,000 बैरल प्रतिदिन था लेकिन मार्च में यह घटकर 2,29,000 बैरल प्रतिदिन रह गया।

एसएंडपी में सलाहकार लिम जिट यांग ने कहा कि भारत के कम अमेरिकी क्रूड आयात करने से अन्य एशियाई तथा यूरोपीय देश अधिक मात्रा में क्रूड निर्यात करेंगे क्योंकि अब क्रूड की उपलब्धता बढ़ जायेगी।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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