'कुछ भी बाकी नहीं बचेगा...', ईरान को ट्रंप की खुली चेतावनी, टॉप सिक्योरिटी मीटिंग से बढ़े महाजंग के संकेत
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग और होर्मुज संकट पर नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ हाईलेवल बैठक की। तेहरान को सख्त चेतावनी भी दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया, ट्रंप ने शनिवार को अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें ईरान जंग और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप लगातार तेहरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट संकट वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है।
ईरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी
बैठक ट्रंप के उस तीखे बयान के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे “बहुत तेजी से कदम उठाने होंगे, वरना कुछ भी बाकी नहीं बचेगा।” रविवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी यही संदेश दोहराया। उन्होंने लिखा कि “ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेजी से भाग रही हैं” और अब समय बेहद कीमती हो चुका है।
ट्रंप के इस बयान को वॉशिंगटन की बढ़ती बेचैनी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर तेहरान की कूटनीतिक रणनीति और बातचीत के तरीके को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
वर्जीनिया गोल्फ क्लब में हुई हाईलेवल मीटिंग
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक ट्रंप के वर्जीनिया स्थित गोल्फ क्लब में हुई। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए।
यह बैठक ट्रंप के चीन दौरे से लौटने के कुछ घंटों बाद ही हुई। चीन को इस पूरे समीकरण में इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि उसके ईरान के साथ करीबी संबंध हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने बीजिंग यात्रा के दौरान तेहरान को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया था। अधिकारी पहले यह देखना चाहते थे कि ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत का क्या परिणाम निकलता है।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल कीमतों ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट के लगातार बंद रहने और उससे वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ रहे असर ने भी ट्रंप प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि अब व्हाइट हाउस ईरान पर दबाव बढ़ाने के विकल्पों पर ज्यादा गंभीरता से विचार कर रहा है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हाल के दिनों में ट्रंप ने ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया है। हालांकि, उनकी प्राथमिकता अब भी इस विवाद का कूटनीतिक समाधान निकालना बताई जा रही है। लेकिन अमेरिकी प्रशासन यह मानता है कि मजबूत दबाव बनाकर ही ईरान को किसी समझौते की तरफ लाया जा सकता है।
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