ईरान का बड़ा वार! सऊदी में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी 'अरामको' पर किया ड्रोन हमला

ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरामको ने रास तनुरा रिफाइनरी एहतियातन बंद कर दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय तनाव पर असर पड़ सकता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी सऊदी अरामको पर ईरान ने ड्रोन से हमला किया है।

सऊदी ने अपनी सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यह कदम उस समय उठाया गया जब इस प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमला हुआ। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन कार्रवाई की।

क्या हुआ रास तनुरा में?

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित रास तनुरा परिसर को एहतियात के तौर पर बंद किया गया। यह रिफाइनरी मध्य पूर्व की बड़ी रिफाइनरियों में गिनी जाती है और इसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन है। यही परिसर सऊदी कच्चे तेल के लिए एक अहम निर्यात टर्मिनल भी है।

सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबीया टीवी पर बताया कि दो ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया। ड्रोन के मलबे से सीमित स्तर पर आग लगी, जिसे काबू में कर लिया गया। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।


वैश्विक तेल बाजार पर असर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास जहाजो पर हमलों के बाद वहां से गुजरने वाली शिपिंग लगभग ठहराव की स्थिति में पहुंच गई। इसी समुद्री मार्ग से दुनिया की लगभग पांचवां हिस्सा तेल खपत गुजरती है।

सोमवार को ब्रेंट क्रूड वायदा कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। बाजार में आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं।

खाड़ी क्षेत्र में हमलों की श्रृंखला

रॉयटर्स के मुताबिक, यह ड्रोन हमला क्षेत्र में बढ़ती हमलों की लहर का हिस्सा है। अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के वाणिज्यिक बंदरगाह दुक्म पर भी हमले दर्ज किए गए हैं।

इस बीच इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अधिकांश तेल उत्पादन एहतियातन बंद कर दिया गया है। फील्ड ऑपरेटरों के अनुसार, यह इलाका फरवरी में तुर्की को करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात कर रहा था।


2019 की याद

सऊदी अरब की ऊर्जा अवसंरचना पहले भी निशाने पर रही है। सितंबर 2019 में अबकैक और खुरैस संयंत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों से सऊदी उत्पादन का आधे से ज्यादा हिस्सा अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ था और वैश्विक बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी।

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