भारत ने रूसी तेल की खरीद की शुरू, ईरान जंग के कारण अमेरिका ने 3 अप्रैल तक दी है रियायत
अमेरिकी वित्त विभाग ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल कार्गो खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिवसीय लाइसेंस जारी किया है, जिसके बाद रिफाइनरियों ने अपनी खरीद तेज कर दी है।

भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने देश के पास समुद्र में फंसे लगभग 1.5 करोड़ बैरल से अधिक रूसी कच्चे तेल की खरीद शुरू कर दी है। रिफाइनरियां यह कदम पश्चिम एशिया में आपूर्ति बाधाओं से पैदा हुई चिंताओं के बीच उठा रही हैं।
सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी वित्त विभाग ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल कार्गो खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिवसीय लाइसेंस जारी किया है, जिसके बाद रिफाइनरियों ने अपनी खरीद तेज कर दी है।
फरवरी में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर 10.4 लाख बैरल प्रति दिन रह गया
रूस के तेल के शीर्ष खरीदारों में शामिल भारत ने अमेरिका के दबाव के बाद अपनी रूसी तेल की खरीद कम कर दी थी। फरवरी में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर 10.4 लाख बैरल प्रति दिन रह गया, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे निचला स्तर है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क में कटौती को भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद कम करने से जोड़ दिया था।
सूत्रों ने कहा कि इसके कारण रूसी तेल के कई जहाज समुद्र में ही फंस गए थे। भारत अब पश्चिम एशिया की आपूर्ति में व्यवधान के बीच अपनी खरीद को समायोजित कर रहा है। ऐसे में भारतीय रिफाइनरियां अब घरेलू ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समुद्र में मौजूद रूसी कार्गो और अन्य स्रोतों से खरीद के बीच संतुलन बना रही हैं।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में रूसी तेल के एक दर्जन से अधिक टैंकर मौजूद
खबरों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में रूसी तेल के एक दर्जन से अधिक टैंकर मौजूद हैं। इसके अलावा आठ अन्य जहाज सिंगापुर के पास खड़े हैं जो कुछ ही दिन में भारत पहुंच सकते हैं।
जिंस कारोबार का विश्लेषण करने वाली कंपनी केप्लर के सुमित रितोलिया ने कहा कि छूट मिलने के बाद रिफाइनरियां तेजी से खरीद शुरू कर सकती हैं, जिससे निकट भविष्य में रूसी तेल का आयात 16 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।
रूस से 30 दिन तक कच्चा तेल खरीद सकेगा भारत
ईरान जंग की वजह से वैश्विक तेल बाजार में पैदा हुए दबाव के बीच अमेरिका ने एक अहम फैसला लिया है। वाशिंगटन ने रूस को 30 दिनों तक भारत को तेल बेचने की अस्थायी छूट देने का फैसला लिया है। इस कदम से भारत के साथ उन रूसी तेल टैंकरों को राहत मिलने की उम्मीद है जो कई महीनों से समुद्र में खड़े थे और उन्हें खरीदार नहीं मिल पा रहे थे। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा।
बताया गया है कि यह फैसला वैश्विक तेल बाजार में बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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