दुनिया की 5 बड़ी खबरें: भारतीय मूल की इस पत्रकार को मिला पुलित्जर अवॉर्ड और काबुल में 5 नागरिकों की हत्या

भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन को प्रतिष्ठित पुलित्जर अवार्ड से सम्मानित किया गया है और काबुल में अज्ञात बंदूकधारियों ने कम से कम पांच नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारतीय मूल की जर्नलिस्ट मेघा को पुलित्जर अवार्ड

भारतीय मूल की पत्रकार मेघा राजगोपालन को प्रतिष्ठित पुलित्जर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। दुनियाभर के पत्रकारों और जर्नलिज्म की दुनिया के लिए पुलित्जर अवार्ड सबसे बड़ा और प्रतिष्ठत अवार्ड माना जाता है। मेघा को इस बार का पुलित्जर अवार्ड दुनिया के सामने चीन का कच्चा-चिट्ठा खोलने और दुनिया के सामने चीन की बर्बरता को उजागर करने के लिए दिया गया है। इनोवेटिव इनवेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करने के लिए भारतीय मूल की जर्नलिस्ट मेघा राजगोपालन को इस अवार्ड से नवाजा गया है। उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चीन की बर्बरता को लेकर इनवेस्टिगेशन करने और अपनी साहसिक रिपोर्टिंग के जरिए चीन का सच दुनिया के सामने लाने के लिए मेघा राजगोपालन को इस प्रतिष्टित अवार्ड के लिए चुना गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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इंडोनेशिया : 2 किमी ऊपर तक गया माउंट मेरापी से निकला धुएं का गुबार

भूवैज्ञानिक आपदा प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास केंद्र ने कहा है कि इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी, माउंट मेरापी से निकला गर्म धुआं का गुबार उसकी चोटी से 2 किमी ऊपर तक पहुंच गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गर्म बादल का पहला गुबार शुक्रवार को सुबह 8.11 बजे 167 सेकंड के लिए 2,000 मीटर तक और अगला गर्म बादल 8.18 बजे से 1,500 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया था। गर्म बादलों का तीसरा विस्फोट सुबह 10.38 बजे हुआ था। योग्याकार्टा और मध्य जावा प्रांतों के बीच स्थित, 2,968 मीटर ऊंचे ज्वालामुखी की स्थिति वर्तमान में खतरे के तीसरे स्तर पर है। केंद्र ने लोगों से ज्वालामुखी की चोटी से 3 किमी के दायरे में खतरनाक क्षेत्र में नहीं जाने और मेरापी से बहने वाली नदियों जैसे कुनिंग, बोयोंग, बेदोग, क्रासक, बेबेंग और पुतिह नदियों से दूर रहने का आग्रह किया है। ज्वालामुखी के 2010 के विस्फोट में 200 से अधिक लोग मारे गए और हजारों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इंडोनेशिया में 127 सक्रीय ज्वालामुखी हैं और इनसे लगभग 50 लाख लोगों पर हमेशा खतरा बन रहता है।

फोटो: IANS
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टोक्यो, ओसाका में 21 जून से प्रतिबंधों पर मिल सकती है छूट

जापान सरकार 21 जून से टोक्यो और ओसाका में कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारी के हवाले से बताया है कि टोक्यो और ओसाका को कम सख्त शर्तो के साथ छूट दी जा सकती है। जापान में पूर्व घोषित आपातकाल की स्थिति 20 जून को समाप्त हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य 23 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक से पहले कोविड-19 महामारी को फिर से बढ़ने को रोकना है। ओलंपिक का आयोजन बीते साल ही होना था लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया। अब अगर इस साल भी ओलंपिक नहीं होता है तो जापान को अरबों डॉलर का नुकसान होगा। जुलाई और अगस्त में होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों पर प्रतिबंधों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा संबंधित मंत्रियों और विशेषज्ञों की एक उपसमिति से मिलेंगे और फिर इस बारे में औपचारिक निर्णय लिया जाएगा।

फोटो: IANS
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अफगान सुरक्षा बलों ने तालिबान के हमले को किया पीछे, 27 आतंकवादी मारे गए

अफगान सुरक्षा बलों ने तालिबान के कुंदुज प्रांत के दो जिलों में रात भर किए गए हमले को विफल कर दिया है, जिसमें कम से कम 27 आतंकवादी मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन में सुरक्षा बलों का एक सदस्य भी मारा गया। पुलिस ने एक बयान में कहा कि भारी लड़ाई तब शुरू हुई जब सैकड़ों भारी हथियारों से लैस तालिबान आतंकवादियों ने प्रांतीय राजधानी कुंदुज शहर से 25 किलोमीटर पूर्व में खान अबाद जिले और शहर से 15 किलोमीटर दक्षिण में पड़ोसी अली अबाद जिले में धावा बोल दिया। बयान में कहा गया, "सुरक्षा बलों ने अली अबाद से आतंकवादियों को खदेड़ दिया और खान अबाद को दुश्मनों से खदेड़ने की कोशिश जारी हैं।" उप जिला प्रमुख कुदरतुल्लाह सफी ने सिन्हुआ को बताया कि खान अबाद में शनिवार सुबह छिटपुट झड़पें जारी रहीं क्योंकि आतंकवादी जवाबी हमले के दौरान नागरिक संपत्तियों का इस्तेमाल ढाल के रूप में कर रहे थे।

फोटो: IANS
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काबुल में बंदूकधारियों ने 5 नागरिकों की हत्या की

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पुलिस ने शनिवार को बताया कि काबुल में अज्ञात बंदूकधारियों ने कम से कम पांच नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार की देर रात, पीड़ितों को एक शादी की पार्टी से नागरिकों को ले जा रहे कई वाहनों में से बंदूकधारियों द्वारा चुना गया और अरगंद-ए-पायन इलाके से उनका अपहरण कर लिया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अपहरण के तुरंत बाद उन्हें उसी इलाके में गोली मार दी गई थी। बयान में कहा गया है, "शुरूआती रिपोर्ट के अनुसार तालिबान आतंकवादी समूह ने गोलीबारी को अंजाम दिया होगा।" निवासियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि मारे गए लोगों में एक स्थानीय बुजुर्ग गाजी उरयाखिल था। तालिबान समूह ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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