ईरान ने कुवैत के एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइलों से किया हमला, एक भारतीय नागरिक की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा
अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने कुवैत पर दो मिसाइलें दागीं जिन्हें रास्ते में मार गिराया गया। ईरान की सेना ने स्वीकार किया कि उसने पांचवें बेड़े के मुख्यालय और एक अन्य देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन उसने कुवैत का नाम नहीं लिया।

ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिये कुवैत हवाईअड्डे के टर्मिनल वन पर भीषण हमला किया है। इस हमले मेंएक शख्स की मौत हो गई है, जो भारतीय नागरिक है। तड़के हुए इस हमले में कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए और कुछ राजनयिक मिशनों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है।
ईरान के ड्रोन हमले में भारी नुकसान पहुंचने और एक व्यक्ति की मौत के बाद कुवैत ने देश के मुख्य हवाई अड्डे को बुधवार को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। यह ड्रोन हमला तब किया गया जब मंगलवार देर रात ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किये थे। ईरान की समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि देश ने अमेरिका और इजरायल के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के बारे में मध्यस्थों के साथ वार्ता बंद कर दी है। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि ईरान चाहता था कि वार्ता फिर से शुरू करने से पहले लेबनान में हुए संघर्ष विराम को पूरी तरह लागू कराया जाये।
अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने कुवैत पर दो मिसाइलें दागीं जिन्हें रास्ते में मार गिराया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने कुवैत और बहरीन पर दागी गई ईरानी मिसाइलों के जवाब में ईरान के एक सैन्य स्टेशन को निशाना बनाया। ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने स्वीकार किया कि उसने पांचवें बेड़े के मुख्यालय और एक अन्य देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन उसने कुवैत का नाम नहीं लिया। उसने कहा कि ये हमले केशम द्वीप पर हुए हमलों के जवाब में किये गये थे।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कुवैत इन “आक्रामक और अस्वीकार्य” कार्रवाइयों को पूरी तरह खारिज करता है। बयान में कहा गया कि इस तरह की घटनाएं न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लंघन हैं।
कुवैत के अनुसार उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा "रेड लाइन" है, जिसे किसी भी परिस्थिति में पार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति एक सुनियोजित आक्रामक नीति को दर्शाती है, जिसे कुवैत स्वीकार नहीं करेगा। बयान में आगे कहा गया कि कुवैत को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित और आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। सरकार ने संकेत दिया कि वह इन हमलों के जवाब में संभावित उपायों पर विचार कर रही है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है।
कुवैती रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। बयान के अनुसार, यह हमला कथित ईरानी आक्रामक कार्रवाई का परिणाम था, जिससे टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया गया। घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
भारत सरकार ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। आधिकारिक बयान में भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से ही वह लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि नागरिक आबादी और नागरिक बुनियादी ढांचे को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से ऐसे हमलों को तुरंत रोकने और संयम बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारत उनके साथ खड़ा है। साथ ही घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए कुवैत स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
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