ईरान ने ट्रंप के दावे को विरोधाभासी और भरोसे लायक नहीं बताया, कहा- 106 बार हमारी हार का कर चुके हैं ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में फिर कहा है कि होर्मुज को खोलने पर बुधवार को समझौता हो सकता है और ऐसा नहीं होने पर हमले कभी भी शुरू किए जा सकते हैं।

ईरान ने ट्रंप के दावे को विरोधाभासी और भरोसे लायक नहीं बताया, कहा- 106 बार हमारी हार का कर चुके हैं ऐलान
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पश्चिम एशिया संकट बरकरार है। ईरान और गल्फ देशों पर हमले रुके हुए हैं लेकिन कभी भी हमलों का दौर शुरू हो सकता है। क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया बयान में फिर कहा है कि होर्मुज को खोलने पर बुधवार को समझौता हो सकता है और ऐसा नहीं होने पर हमले कभी भी शुरू किए जा सकते हैं।

ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के एक सदस्य इस्माइल कोवसारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को विरोधाभासी और भरोसे लायक नहीं बताया है। कोवसारी ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा, "ट्रंप ने 106 बार ईरान की हार और 88 बार तेहरान संग जल्द डील सील करने का दावा किया है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।"

106 बार 'ईरान की हार' का दावा

उनके अनुसार उनका तरीका 'विरोधाभासी' है और 'भरोसे के लायक नहीं' है। कोवसारी ने ईरानी ब्रॉडकास्टर ने आगे कहा, "ट्रंप ने 75 बार दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, जबकि असल में ऐसा नहीं था। उन्होंने 106 बार 'ईरान की हार' का दावा किया और 88 बार तेहरान के साथ जल्द ही डील होने का दावा किया।

ट्रंप ने जल्द होर्मुज खुलने का दावा किया

ट्रंप ने एक दिन पहले ही कहा कि ईरान के साथ डील कुछ ही घंटों में हो सकती है, लेकिन तेहरान ने बार-बार वाशिंगटन के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया है। इसके बाद फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट जल्द खुलेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान को बहुत तगड़ा जवाब मिलेगा और उसके बाद स्ट्रेट खुल जाएगा।”


ईरान के संदेश पर हमला रोका- ट्रंप

कैलिफ़ोर्निया में उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों की ओर से इस बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि "अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में था।" लेकिन ईरान की ओर से बातचीत का संदेश मिलने के बाद उस कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया।

डील होने पर भी होर्मुज तुरंत नहीं खोला जाएगा- ईरान

इस बीच, बुधवार को आईआरआईबी ने कहा कि ओमान के साथ जहाजों की आवाजाही पर समझौता होने के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट तुरंत नहीं खोला जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत सिर्फ दोनों देशों के बीच है और इसका अमेरिका से कोई संबंध नहीं है। "ईरान-ओमान के बीच समझौता होने के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट तभी खुलेगा, जब अमेरिका कथित उल्लंघन करना बंद करेगा।"

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होर्मुज पर कब्जे की लड़ाई में बदला युद्ध

गौरतलब है कि आरंभ में इजरायल और अमेरिका ने ईरान की सरकार को गिराने और उसके परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने जैसे लक्ष्य बताए थे, लेकिन अब यह युद्ध जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर कब्जे की लड़ाई में बदल गया है, क्योंकि ईरान के हमलों और धमकियों के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही रुक गई है।

होर्मुज बेहद अहम रणनीतिक समुद्री मार्ग

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता था लेकिन उसके बंद हो जाने से इस क्षेत्र के बाहर भी ईंधन और जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मच गई है। इधर ट्रंप पर इस साल के आखिर में होने वाले मध्यावधि कांग्रेस चुनाव से पहले एक अलोकप्रिय युद्ध को खत्म करने का दबाव भी बढ़ रहा है।

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