ईरान का पलटवार, 8 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का किया दावा

ईरान ने अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला करने का दावा किया है। जवाबी कार्रवाई के इस दावे के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सीजफायर का उल्लंघन नहीं करने की चेतावनी के बीच ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के 8 सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिका की नई सैन्य आक्रामकता के खिलाफ 'निर्णायक जवाब' बताया है।

रातभर चला ऑपरेशन, 8 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

IRGC के मुताबिक, यह सैन्य अभियान रात करीब 2 बजे से 3 बजे के बीच चलाया गया, जिसमें उसकी नेवी और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। ईरान का दावा है कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए कुवैत स्थित अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय समेत कुल आठ अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और उन्हें तबाह कर दिया गया। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उस हमले के जवाब में की गई, जिसमें दुश्मन ने उसके समुद्री क्षेत्र की पांच तटीय चौकियों पर एक संदिग्ध जहाज को रोकने की कार्रवाई के बहाने हमला किया था।


होर्मुज पर ईरान का दावा, जहाजों को दी सख्त चेतावनी

IRGC ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग की जिम्मेदारी अब ईरान के पास है। उसके अनुसार यह व्यवस्था पाकिस्तान की मध्यस्थता में हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत तय हुई थी। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि कोई जहाज तय नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी जवाबी कार्रवाई और फिर बढ़ा टकराव

इस बीच अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उसने ईरान के भीतर कुछ ठिकानों पर हमला किया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई एक व्यापारिक तेल टैंकर पर हुए हमले के जवाब में की गई। इसके बाद ईरान के सरकारी चैनल IRIB ने हॉर्मोज़गान प्रांत के सिरिक इलाके में टेलीकॉम टावर पर हमले के कारण धमाकों की सूचना दी। क़ेशम द्वीप पर भी विस्फोटों की खबर सामने आई है, हालांकि उनकी विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।

बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब ईरान की नौसेना ने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की थी। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर सैन्य कार्रवाई की और फिर ईरान ने जवाबी हमला करने का दावा किया। ईरान का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित युद्धविराम का अमेरिका कई बार उल्लंघन कर चुका है और इन उल्लंघनों के जवाब में ईरान पहले भी 100 से अधिक बार जवाबी कार्रवाई कर चुका है।