ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' वाले दावे को ईरान ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय बोला- हमारी ऐसी कोई योजना नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने साफ कहा कि किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है और किसी मध्यस्थ से भी कोई बात नहीं हो रही है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' वाले दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा कि फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है। इस बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी प्रवेश द्वार के करीब एक टैंकर ने जहाज के पास धमाके की आवाज सुनी। हालांकि जहाज और उसके क्रू दोनों सुरक्षित बताए गए हैं।
अमेरिका से कोई बातचीत नहीं चल रही
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने साफ कहा, "किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है।" तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में बाघेई ने ये भी दावा किया कि उनकी किसी मध्यस्थ से भी कोई बात नहीं हो रही है।
यह पूरे इलाके के सभी देशों की सुरक्षा के खिलाफ जंग
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई को एक देश नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के खिलाफ करार दिया। उन्होंने कहा, "यह पूरे इलाके और इलाके के सभी देशों की सुरक्षा के खिलाफ जंग है।" बाघेई ने आगे कहा, "इन पांच महीनों में, हमने देखा है कि इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ने इलाके को ज्यादा असुरक्षित कर दिया है। अस्थिरता बढ़ गई है।
अमेरिका-इजरायल के हमले के कारण होर्मुज बंद हुआ
बाघेई ने कहा कि दरअसल, अमेरिका फारस की खाड़ी के दक्षिणी किनारे पर मौजूद देशों का इस्तेमाल अपने सैन्य ठिकानों के लिए कर रहा है, यही कारण है कि असुरक्षा और अनिश्चितता का सामना ये भी कर रहे हैं। इसलिए, यह स्वाभाविक है कि इलाके के देश इस स्थिति को बढ़ने से रोकने की कोशिश करना चाहते हैं।" बाघेई ने ये भी कहा कि ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बात सकारात्मक है। उन्होंने कहा, “ईरान और ओमान के बीच मतभेद की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं हुआ है बल्कि इसकी असल वजह अमेरिका-इजरायल का मिलिट्री हमला है।”
बाघेई का बयान ट्रंप के दावे के उलट
बाघेई का ये बयान ट्रंप के उस दावे के उलट है जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच वार्ता जारी रहने की बात कही थी। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम जब चाहें कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को मारना नहीं चाहता। अगर समझौता हो जाता है तो बहुत-सी जानें बच जाएंगी।” उन्होंने कहा कि सोमवार से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होगी। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि वार्ता स्थल कहां होगा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
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होर्मुज स्ट्रेट के पास धमाके की आवाज सुनी गई
इस बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी प्रवेश द्वार के करीब एक टैंकर ने जहाज के पास धमाके की आवाज सुनी। हालांकि जहाज और उसके क्रू दोनों सुरक्षित बताए गए हैं। रविवार को यूकेएमटीओ की एक एडवाइजरी के अनुसार, एजेंसी को रविवार को 20:37 ग्रीनविच मीन टाइम पर जहाज के मास्टर से रिपोर्ट मिली। मास्टर ने कहा कि धमाका तब सुना गया जब जहाज ओमान के खासाब से लगभग 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में था। यूकेएमटीओ ने इलाके से गुजरने वाले जहाजों को सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट एजेंसी को करने की सलाह दी।
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