अमेरिका को ईरान की बड़ी चेतावनी, 'दोबारा युद्ध हुआ तो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाज होंगे निशाने पर'
ईरान ने चेतावनी दी है कि युद्ध दोबारा शुरू होने पर हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा।

ईरान की चेतीवनी, युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाज निशाने पर होंगें।
ईरान ने हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार मैक 10 तक बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम मजबूत करने का दावा किया है।
गालिबाफ ने कहा कि ईरान के अधिकारों की मान्यता और अमेरिकी वादे पूरे होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा।
फॉक्स न्यूज़ के मुताबिक, ट्रंप ईरान पर फैसला लेने की स्थिति में हैं और उन्होंने जल्द बड़ी घटनाएं होने की बात कही है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को कई महीने बीत जाने के बाद भी तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच ईरान की ओर से अमेरिका को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास की एक पोस्ट के मुताबिक, ईरान ने नौसैनिक टकराव की ऐसी क्षमता विकसित कर ली है, जिसके जरिए युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति में हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा है कि अगर युद्ध फिर से शुरू होता है तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों पर हमला किया जाएगा, चाहे वे कहीं भी हों। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने इसके लिए जरूरी क्षमताएं विकसित कर ली हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार बढ़ाने का दावा
मोहसिन रेजाई ने ईरान की सैन्य तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को विकसित किया है और एयर डिफेंस को पहले से बेहतर बनाया है।
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि उनके देश के पास इसके अलावा भी कई दूसरे उपाय हैं, जिनका इस्तेमाल सही समय पर किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान पूरी तरह तैयार है। इस बयान के जरिए ईरान ने युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति में अपनी सैन्य तैयारियों और जवाबी क्षमता का संकेत दिया है।
गालिबाफ बोले- जब तक अधिकार नहीं माने जाएंगे, होर्मुज नहीं खुलेगा
यह बयान उस समय सामने आया जब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में पुरानी अमेरिकी व्यवस्था ढह गई है। उन्होंने क्षेत्र के इस्लामी देशों से एक नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया। गालिबाफ ने कहा कि तेहरान का संदेश और उसकी शर्तें बिचौलियों के जरिए अमेरिका तक स्पष्ट रूप से पहुंचा दी गई हैं।
गालिबाफ ने यह भी साफ किया कि जब तक ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं दी जाती और अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। इस बीच फॉक्स न्यूज़ ने बताया है कि ईरान के मामले में डोनाल्ड ट्रंप फैसला लेने की स्थिति में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि बहुत जल्द कुछ बड़ी घटनाएं होने वाली हैं
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
