ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध अपडेट: बीती रात जंग में क्या-क्या हुआ? सुबह तक सामने आईं कई बड़ी खबरें

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच बीती रात कई अहम घटनाएं सामने आईं। हमलों, चेतावनियों और कूटनीतिक बयानों से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया।

फोटो: AI Generated
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नवजीवन डेस्क

मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिक संघर्ष के बीच बीती रात से शुक्रवार सुबह तक हालात और गंभीर हो गए। अलग-अलग मोर्चों पर हमले, कड़े बयान और खाड़ी देशों में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।

बीती रात से सुबह तक कई अहम घटनाएं सामने आईं, जिनसे संकेत मिल रहा है कि युद्ध का दायरा धीरे-धीरे और व्यापक हो सकता है।

तेहरान और केर्मानशाह में इजरायली हमले

रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार तड़के इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, तेहरान और पश्चिमी शहर केर्मानशाह के आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।


खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और बहरीन में अमेरिकी बेस के आसपास ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन हमलों के नुकसान को लेकर आधिकारिक पुष्टि सीमित है।

ईरानी की अमेरिका को चेतावनी

ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जमीनी सैन्य कार्रवाई करता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अल जजीरा के अनुसार, लारीजानी ने कहा कि ईरानी सेना संभावित हमले की स्थिति में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए तैयार है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर जमीनी हमला करता है तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। गुरुवार को तेहरान से NBC News को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अराघची ने साफ कहा कि ईरान किसी संभावित अमेरिकी जमीनी हमले से डरता नहीं है।

उन्होंने कहा, “नहीं, हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि हम उनका सामना कर सकते हैं और ऐसा कदम उनके लिए बड़ी तबाही साबित होगा।”


समुद्र में भी बढ़ी टकराव की आशंका

रातभर समुद्री क्षेत्र में भी तनाव बढ़ा रहा। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान से जुड़े एक महत्वपूर्ण ड्रोन-संचालन जहाज को नष्ट कर दिया। इसे ईरान की नौसैनिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता था।

युद्ध पर अमेरिका में भी मतभेद

इस बीच अमेरिका के भीतर भी युद्ध को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सीमित करने की मांग की गई थी, लेकिन यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।


बढ़ता मानवीय संकट

लगातार हमलों के बीच ईरान, लेबनान और इजरायल में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, विभिन्न हमलों में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई शहरों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

कुल मिलाकर, बीती रात से सुबह तक की घटनाओं से संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा। खाड़ी देशों, समुद्री मार्गों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों से पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

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